एक ओर जहां पूरे देश में लोकसभा चुनाव की बयार चल रही है वहीं दूसरी ओर
गुड़गांव में कुछ पार्टियों के नेता अभी से विधानसभा की तैयारियों में जुट
गए हैं।
सूत्रों के मुताबिक ऐसे लोगों को पार्टी की ओर से भी यह संकेत दिए गए हैं कि यदि आम चुनावों में उनके एरिया से ज्यादा वोट मिलते हैं तो विधानसभा चुनावों में उनका टिकट पक्का हो सकता है।
गुड़गांव की लगभग सभी विधानसभा सीटों पर कुछ ऐसे नेता सक्रिय हैं, जो खुद को इस इलाके से टिकट का प्रबल दावेदार मानते हैं। नूंह में एक पार्टी विशेष के प्रत्याशी की पैरवी करने वाले नेता का कहना है कि मेवात में उसे कतई वोट नहीं मिलने वाला। इसके बावजूद वह लोगों को समझा रहे हैं कि उम्मीदवार और पार्टी को न देखकर उन्हें देखें। उम्मीदवार के जीतने पर उनका भाई विधायक बन सकता है।
गुड़गांव विधानसभा सीट से भाजपा के टिकट के कई दावेदार अभी से ताल ठोक रहे हैं। एक दावेदार ने तो उत्साहित होकर फेसबुक पर खुद को गुड़गांव विधानसभा का उम्मीदवार घोषित कर दिया। लेकिन इसको लेकर जब पार्टी में विवाद शुरू हो गया तो उसे हटाना पड़ा।
नामांकन के समय एक दल ने तो अपने सभी विधानसभा के टिकट के दावेदारों को अपने इलाके से पार्टी के उम्मीदवार के पक्ष में अधिक वोट दिलाने की खुली चुनौती भी दी थी।
विधानसभा को लेकर आप में फूट
आम आदमी पार्टी को हाल में अलविदा कहने वालों का आरोप है कि स्थापनाकाल से अब तक संगठन को मजबूत बनाने में उन्होंने महत्वपूर्ण योगदान दिया है, लेकिन योगेंद्र यादव एक महिला को गुड़गांव से विधानसभा के लिए भावी उम्मीदवार के रूप में पेश कर रहे हैं। हालाकि योंगेंद्र यादव ने इसका खंडन करते हुए पार्टी छोड़ने वालों पर गलत बयान का आरोप लगाया है।