दिल्ली विश्वविद्यालय के स्कूल ऑफ ओपन लर्निंग और इंडियन इकोनॉमिक एसोसिएशन ने 106वें वार्षिक भारतीय आर्थिक संघ का आयोजन किया। एसओएल की निदेशिका प्रो. पायल मागो ने कहा कि भारत 2047 तक अवश्य ही विकसित देश बनेगा। इस लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए उन्होंने संकल्प लिया। साथ ही स्कूल में विकसित भारत के लिए नीति अनुसंधान केंद्र (सीपीआरवीबी) की स्थापना की घोषणा की।
सम्मेलन के तीसरे दिन की शुरुआत चार समानांतर तकनीकी सत्रों की आकर्षक श्रृंखला के साथ हुई। इसमें सम्मेलन से संबंधित विषयों पर चर्चा और शोधपत्र प्रस्तुतीकरण शामिल रहा। प्रमुख समन्वयक आईआईटी रुड़की के डीके नौरियाल, कुलपति जीएच रायसोनी, प्रोफेसर विनायक देशपांडे ने प्रतिभागियों द्वारा सुझाए गए सुझावों का संक्षेप में सारांश दिया। भारतीय आर्थिक संघ के संयुक्त सचिव अनिर्बान सरकार ने सम्मेलन की कार्यवाही की रिपोर्ट प्रस्तुत की।
सम्मेलन विभिन्न विषयों पर कुल 106 शोध पत्र प्रस्तुत किए गए। आईईए जर्नल (यूजीसी केयर लिस्टेड) का विमोचन भी किया गया। इसमें 105वें वार्षिक आईईए सम्मेलन में प्रस्तुत किए गए सर्वश्रेष्ठ 19 पेपर प्रकाशित किए गए। भारतीय आर्थिक संघ ने अर्थशास्त्र क्षेत्र में उत्कृष्ट अनुसंधान और छात्रवृत्ति को बढ़ावा देने की प्रतिबद्धता को रेखांकित किया।