भारतीय कुश्ती संघ के अध्यक्ष बृजभूषण सिंह के खिलाफ दर्ज दो मामलों की नई दिल्ली जिला पुलिस ने जांच तेज कर दी है। पुलिस ने पीड़ित महिला पहलवानों के सीआरपीसी 161 के तहत बयान दर्ज कर लिए हैं। पुलिस अगले एक-दो दिन में कोर्ट में जज के सामने 164 सीआरपीसी के तहत बयान दर्ज कराएगी। वहीं, संघ के अध्यक्ष के खिलाफ पांच महिला पहलवानों ने जो प्राथमिकी दर्ज कराई है, उसमें एक परिचित का भी नाम है। पहलवानों ने परिचित पर भी गंभीर आरोप लगाए हैं।
नई दिल्ली जिले के वरिष्ठ अधिकारी ने इसकी पुष्टि करते हुए बताया कि पीड़ित नाबालिग पहलवान व अन्य चार महिला पहलवानों के पुलिस ने बयान दर्ज किए हैं। अब धारा 164 के तहत जज के सामने बयान दर्ज किए जाएंगे। जज के सामने हुए बयानों की ज्यादा अहमियत होती है। पहलवानों की शिकायत पर दर्ज दोनों एफआईआर की जांच के लिए पांच सदस्यीय विशेष जांच कमेटी (एसआईटी) बना दी गई है। एसीपी कनॉट प्लेस अनिल समोटा की देखरेख में इंस्पेक्टर जितेंद्र कश्यप व डीआईयू में तैनात महिला इंस्पेक्टर आदि इसमें शामिल हैं। नई दिल्ली जिले के पुलिस उपायुक्त प्रवण तायल एसआईटी का सुपरविजन कर रहे हैं। कनॉट प्लेस थाने के एक कमरे में दोनों मामलों की जांच हो रही है। इस कमरे में किसी को घुसने नहीं दिया जा रहा है। यहां तक की कमरे के पास किसी को जाने भी नहीं दिया जा रहा है। एसआईटी के सदस्यों को किसी भी पुलिसकर्मी से बात नहीं करने के सख्त आदेश दिए गए हैं।
पुलिस का दावा- हवलदार के शराब पीने की पुष्टि नहीं
पहलवानों से झड़प के दौरान जिस हवलदार पर शराब पीकर हंगामा करने का आरोप लगाया जा रहा था, उसकी मेडिकल जांच में शराब पीने की पुष्टि नहीं हुई है। पुलिस का कहना है कि एक पुलिसकर्मी को पीटा गया और उसे गंभीर चोट लगी है जबकि झड़पमें दो महिला पुलिसकर्मियों समेत पांच को भी चोट लगी है। साथ ही, रात को पर्याप्त संख्या में महिला पुलिसकर्मी मौजूद थीं। झड़प मामले में कोई प्राथमिकी दर्ज नहीं की गई है। किसी भी पक्ष से कोई शिकायत नहीं मिली है। शुरुआती जांच में ये बात सामने आई है कि आप के नेता सोमनाथ भारती जंतर-मंतर पर फोल्डिंग बेड लेकर आए थे, जबकि इसकी अनुमति नहीं थी। पुलिसकर्मी बेड को उतारने व धरना स्थल पर ले जाने का विरोध कर रहे थे। एसीपी ने बेड को रोकने के लिए हाथ उठाया तो पहलवानों को लगा कि उन पर हाथ उठाया है। इसके बाद माहौल तनावपूर्ण बन गया।