श्रीनिवास ने कहा कि मुश्किलें चाहे कितनी भी क्यों न आ जाएं, हौसला कम नहीं होगा। राहुल गांधी की संसद सदस्यता को खत्म किया जाना सरकार की बौखलाहट को दर्शाता है। संविधान की रक्षा और जनता के हकों के लिए राहुल गांधी आगे भी लड़ते रहेंगे। उन्होंने आरोप लगाया कि देश में तानाशाही का दौर है। जनता जानती है कि हमारी आवाज को दबाया जा रहा है। राहुल गांधी अपने लिए नहीं, बल्कि देश और देशवासियों के लिए लड़ाई लड़ रहे हैं।
उन्होंने सवाल पूछा कि केंद्र के मंत्री-सांसद अडाणी को बचाने की क्यों कोशिश कर रहे हैं। हजारों करोड़ उनकी कंपनियों में हैं लेकिन जांच नहीं हो रही है, आखिर क्यों। सिर्फ ढाई साल में अगर अडाणी 12 लाख करोड़ रुपये कमाते हैं तो पूछना जरूरी है कि यह पैसा आया कहां से। राहुल गांधी देश की जनता, महिलाओं, युवाओं, बेरोजगारी और महंगाई के मुद्दे पर लड़ रहे हैं और लड़ते रहेंगे। इस मौके पर यूथ कांग्रेस के राष्ट्रीय प्रभारी और एआईसीसी सह सचिव कृष्णा अल्लावरु ने कहा कि हम कांग्रेस और राहुल गांधी के सिपाही हैं। ये कैसा लोकतंत्र है, जहां संसद में विपक्ष की आवाज नहीं। राहुल गांधी ने लोकतंत्र की लड़ाई लड़ने का एलान कर दिया है और अब पीछे नहीं हटेंगे। अडाणी मामले की जांच क्यों नहीं करवाई जा रही है और सरकार को किस बात का डर है।