दिल्ली के उपराज्यपाल वीके सक्सेना
- फोटो : social media
दिल्ली के उपराज्यपाल वीके सक्सेना के आवास पर आईएएस अधिकारी और एक सांसद का निजी सचिव बनकर मुलाकात करने पहुंचे दो युवकों को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। मामला संदिग्ध लगने पर उपराज्यपाल कार्यालय ने सिविल लाइंस थाने को सूचित किया था। पुलिस इनके खिलाफ फर्जीवाड़ा का मामला दर्ज कर जांच कर रही है।
पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, बुधवार को दो शख्स कार से सिविल लाइंस स्थित उपराज्यपाल के आवास पर पहुंचे। गेट पर तैनात एएसआई से दोनों ने उपराज्यपाल से मिलने की बात कही। कारण पूछने पर एक ने खुद को पीएमओ में तैनात आईएएस अधिकारी बताया तो दूसरे ने खुद को एक सांसद का निजी सचिव बताया।
दोनों को उपराज्यपाल के कार्यालय में जाने की इजाजत दे दी गई। दोनों युवक उनके कार्यालय पहुंचे और उपराज्यपाल से मिलने की बात कही। इस बीच वहां मौजूद अधिकारियों को उनके बातचीत के लहजे से शक हो गया। उन लोगों ने तुरंत इसकी शिकायत सिविल लाइंस थाने में कर दी। बाद में दोनों को पुलिस के हवाले कर दिया गया।
पुलिस अधिकारी के मुताबिक, आरोपियों की पहचान उड़ीसा निवासी अभिमन्यु सेठी और गोकलपुरी दिल्ली निवासी अभिषेक के रूप में हुई। अभिमन्यु ने बताया कि वह सिविल सेवा परीक्षा की तैयारी कर चुका है। असफल होने के बावजूद वह खुद को आईएएस के रूप में पेश करता था। दोनों ने बताया कि उनका मकसद उपराज्यपाल के साथ फोटो खिंचवाने का था। बाद में उनकी योजना इस फोटो का इस्तेमाल कर सरकारी ठेके लेने की थी। पुलिस मामले की छानबीन कर रही है।