दो सौ बार टेस्टिंग कर एटीएम मशीन से 1.84 लाख कैश चोरी करने वाले एटीएम इंजीनियर समेत दो आरोपियों को कोतवाली फेज टू पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। गिरफ्तार इंजीनियर एटीएम देखरेख करने वाली कंपनी में काम करता है और टेक्रिशियन इस कंपनी में काम कर चुका है। दोनों ने तकनीकी तरीके से एटीएम से कैश निकाले थे। पुलिस ने इनके पास से 1.25 लाख रुपये और डीवीआर आदि बरामद किए हैं।
सेक्टर-80 स्थित एचडीएफसी बैंक के एटीएम बूथ को क्षतिग्रस्त कर 2 फरवरी को इससे 1.84 लाख रुपये कैश चोरी की घटना हुई थी। इस एटीएम की देखरेख व संचालन का काम करने वाली एजीएस ट्रांसएक्ट टेक्नोलॉजिज प्राइवेट लिमिटेड कंपनी की तरफ से इस मामले में मुकदमा दर्ज कराया गया था। इस मामले में जब कोतवाली फेज थ्री के प्रभारी निरीक्षक विंध्याचल तिवारी की टीम ने जांच शुरू की तो अहम सुराग मिले। इसके बाद बृहस्पतिवार को एटीएम की देखरेख करने वाली कंपनी एजीएस के एटीएम इंजीनियर अमरोहा निवासी अमरजीत कुमार और इस कंपनी के पूर्व टेक्रिशियन आगरा निवासी वीरेंद्र सिंह को गिरफ्तार कर लिया।
इस घटना को अंजाम देने के लिए दोनों ने मिलकर योजना बनाई थी। वीरेंद्र को कर्ज हो गया था। इस कारण उसे पैसों की जरूरत थी। इस कारण दोनों ने तकनीक का इस्तेमाल करते हुए घटना को अंजाम दिया। नोएडा सेंट्रल की एसीपी प्रथम दीक्षा सिंह ने बताया कि आरोपियों ने एटीएम बूथ के अंदर लगे सीसीटीवी की डीवीआर निकाल दी थी और जिस तरह से घटना को अंजाम दिया था। उससे लग रहा था कि कोई तकनीकी रूप से जानकार ही चोरी को अंजाम दिया था। इसके बाद पुलिस ने दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया।
रिजेक्शन ट्रे में कैश एकत्र कर की चोरी
कोतवाली फेज टू के प्रभारी निरीक्षक विंध्याचल तिवारी ने बताया कि आरोपियों से पूछताछ में पता चला कि एटीएम मशीन के अंदर चार कैश ट्रे होते हैं। इनमें से तीन ट्रे में कैश रखा होता है। एक ट्रे खाली होता है। जिसमें रिजेक्टेड नोट चला जाता है। दरअसल एटीएम में जब कैश जमा किया जाता है तभी एटीएम इंजीनियर तीनों कैश ट्रे की चेकिंग करते हैं। चेकिंग के दौरान दो नोट रिजेक्शन ट्रे में चले जाते हैं। इसी को हथियार बनाकर अमरजीत व वीरेंद्र ने चोरी को अंजाम दिया। घटना के दिन एटीएम मशीन में घुसकर सबसे पहले सीसीटीवी को क्षतिग्रस्त कर डीवीआर निकाल लिया। इसके बाद टेस्टिंग के दौरान बटन को 200 बार दबा दिया। इससे 400 नोट रिजेक्शन ट्रे में चला गया। फिर लोहे के पिलास से रिजेक्शन ट्रे से कैश निकाल लिए।
छह महीने पहले वीरेंद्र ने छोड़ी थी नौकरी
सेक्टर-80 स्थित एचडीएफसी बैंक के एटीएम की देखरेख करने वाली कंपनी एजीएस में गिरफ्तार वीरेंद्र पहले काम करता था। छह महीने पहले वीरेंद्र ने नौकरी छोड़ी थी। वीरेंद्र व अमरजीत दोनों इस कंपनी में करीब डेढ़ साल तक साथ काम किया था। 31 जनवरी को वीरेंद्र नोएडा आया था और अमरजीत से मुलाकात कर बताया कि उस पर काफी कर्ज हो गया है। इसके बाद दोनों ने मिलकर सेक्टर-80 के ककराला एचडीएफसी एटीएम को निशाना बनाया था।