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पुलिस के सुस्त होते ही चुस्ती दिखाने वाला चोर गिरफ्तार

Wed, 03 Feb 2016 01:32 AM IST
अमर उजाला, गाजियाबाद
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मुरादनगर पुलिस ने पाइप लाइन मार्ग से वाहन चोर गिरोह के सरगना साजिद को गिरफ्तार कर लग्जरी कार और तमंचा बरामद किया है। साजिद साथियों संग ऑन डिमांड कार चोरी करता था।
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दिल्ली से वाहन चोरी कर मेरठ में पांच हजार रुपये में ‘हाजी’ को बेचता था। चोर मेरठ से टैक्सी में दिल्ली जाते थे और कार चोरी कर रात 12 से तीन बजे के बीच वारदात कर मेरठ पहुंचते थे।

साजिद का कहना है कि इस दौरान पुलिस सोती मिलती थी, बिना चेकिंग निकल जाते थे। महीने में दस दिन वारदात करते थे, जिस दिन चोरी करते थे उस दिन तीन कारें चुराते थे। अब तक  चोरी की सौ से अधिक कारें बेच चुके हैं।
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एएसपी डॉ. विपिन ताड़ा ने बताया कि साजिद मेरठ के टीपी नगर का है। वह मेरठ निवासी सूके उर्फ इश्तियाक और समीर के साथ वाहन चोरी करता था। एक साल से यह गैंग एनसीआर में सक्रिय है।

तीनों मेरठ से एक टैक्सी हायर कर दिल्ली जाते थे, वहां पर एक चोरी की कार पहले से ही खड़ी रखते थे, जिससे दिल्ली में घूमकर लावारिस हालत में खड़ी कारों को ऑन डिमांड चोरी करते थे।

कारों की डिमांड गिरोह से मेरठ का रहने वाला एक हाजी करता था। गिरोह महीने में दस दिन दिल्ली जाता था, वहां से चोरी की तीन अलग अलग कारों में मेरठ आते थे और हाजी को दे देते थे। इसके बदले में वाहन चोरों को चार-चार हजार रुपये मिलते थे। समीर व सूके की तलाश जारी है।

ऐसे आया पकड़ में
एएसपी ने बताया कि पुलिस ने सोमवार रात चेकिंग अभियान चलाया था। तीनों चोर टैक्सी हायर कर दिल्ली जा रहे थे, पुलिस ने जैसे ही उनकी कार को चेकिंग के लिए रोका वह भागने लगे।

पीछा कर साजिद को गिरफ्तार कर लिया गया, उसके दो साथी भाग गए। चोर कारों को लॉकर के जरिए चोरी करते थे, एक कार चोरी करने में इन्हें 20 मिनट लगते थे। खासतौर पर दिल्ली ही इनके निशाने पर थी।

100 में से 4 में मिलता है जीपीएस
चोरों ने बताया कि 100 कारों में से सिर्फ चार कारों में जीपीएस लगा रहता है, कार चुराने से पहले जीपीएस चेक कर लेते थे। अगर कार में जीपीएस मिलता था तो उसे निकाल देते थे।

गाजियाबाद में लूट कर भाग जाते थे राजस्थान
पंजाब नेशनल बैंक के डिप्टी मैनेजर अजय वर्मा को लिफ्ट देकर लूटपाट करने वाले तीन अंतर्राज्यीय बदमाशों को कविनगर पुलिस ने गिरफ्तार किया है। दो बदमाश राजस्थान के हैं, जो वारदात के बाद राजस्थान भाग जाते थे।

बदमाशों से डिप्टी मैनेजर से लूटे गए 75 हजार रुपये, एक सोने की अंगूठी, छल्ला, एटीएम कार्ड, दो तमंचे व कार बरामद की है।

एसपी सिटी डॉ. अजयपाल शर्मा ने बताया कि पकड़े गए लुटेरे मुकेश उर्फ पप्पू निवासी हापुड़, सतेंद्र और संजय निवासी भरतपुर राजस्थान हैं। मुकेश लालकुआं इलाके में किराए पर रहता है, वह गैंग लीडर है।

उसने तीन दोस्तों के साथ 1997 में मेरठ के इंचौली थानाक्षेत्र से हाइड्रिल विभाग का पांच लाख रुपये लूट थे, इंचौली थानाक्षेत्र में एनकाउंटर में उसके साथी मनोज-सुंदर मारे गए थे। बाद में मुकेश व उसका चौथा साथी सुरेंद्र गिरफ्तार हुए थे।

दो साल पहले जेल में मुकेश की मुलाकात राजस्थान के सतेंद्र व संजय से हुई थी। आरोपियों को उनके हुलिए के आधार पर ट्रेस कर लालकुआं क्षेत्र में रिलायंस पेट्रोल पंप के पास से गिरफ्तार किया गया है।
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