फरीदाबाद के बीके नागरिक अस्पताल से नवजात बच्चे की चोरी मामले में पुलिस ने कार्रवाई करते हुए 12 घंटे में दिल्ली से दो महिलाओं सहित चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है। आरोपी नवजात को बल्लभगढ़ की एक महिला को डेढ़ लाख रुपये में बेचने की तैयारी कर रहे थे। पुलिस ने बच्चे को परिजनों को सौंप दिया। इससे परिवार के चेहरे पर एक बार फिर खुशियां लौट आई हैं। उन्होंने पुलिस टीम का आभार व्यक्त किया गया। वहीं, दूसरी तरफ चारों आरोपियों को बुधवार को अदालत में पेश कर तीन दिन की पुलिस रिमांड पर लिया है।
बीके नागरिक अस्पताल से मंगलवार सुबह एक महिला जच्चा-बच्चा वार्ड से नवजात को चोरी कर फरार हो गई थी। नवजात को चोरी करने की पूरी घटना सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गई। महिला सीसीटीवी कैमरे से बचने के लिए नवजात को लेकर पीछे के रास्ते से निकलती दिखी। अस्पताल के मुख्य द्वार से निकलने के बाद ऑटो में बैठकर अजरौंदा मोड़ पर उतर गई। वहां से दूसरा ऑटो लिया बदरपुर बॉर्डर पहुंचकर ऑटो से उतर गई। तीसरे ऑटो में बैठकर दिल्ली एम्स तक सफर किया। एम्स से एक और ऑटो में बैठकर दिल्ली सुल्तानपुरी पहुंची।
एसीपी क्राइम अमन यादव ने बताया कि गिरफ्तार किए गए आरोपियों के गिरोह में दीपक, अनीता, पूजा और देव शामिल हैं। आरोपी दीपक और अनीता दिल्ली के रोहिणी के रहने वाले हैं और फरीदाबाद के भूआपुर में अनीता का ससुराल है। पूजा दिल्ली के किशन विहार में रहती है। जबकि देव नरहावली का रहने वाला है। चारों आरोपी एक दूसरे से फोन पर संपर्क में थे। देव बच्चा चोरी से लेकर बेचने तक के पूरे मामले को कोऑर्डिनेट कर रहा था। पुलिस और क्राइम ब्रांच की टीम बच्चा खरीदने वाली महिला ज्योति की तलाश कर रही है। उसे भी जल्द गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
1.5 लाख रुपये में बेचने की हुई थी डील
आरोपियों की नवजात शिशु को बल्लभगढ़ निवासी ज्योति को 1.5 लाख रुपये में बेचने की डील हुई थी। नवजात शिशु को बेचने से पहले बच्चे को बरामद कर आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया। पुलिस आयुक्त राकेश आर्य ने मामले में काफी सख्ती बरतने के निर्देश दिए थे। डीसीपी क्राइम ने क्राइम ब्रांच की पांच टीमों को नियुक्त किया था।
100 से अधिक सीसीटीवी फुटेज खंगाले गए
एसीपी क्राइम अमन यादव ने बताया कि मंगलवार को पीड़ित सुनील कुमार की शिकायत पर एसजीएम नगर थाने में नवजात के अपहरण का मामला दर्ज किया गया था। बीके अस्पताल में बच्चा चोरी की सूचना मिलते ही पुलिस टीम मौके पर पहुंची और आसपास के 100 से अधिक सीसीटीवी फुटेज खंगाले गए। सीसीटीवी कैमरे से पता चला कि बच्चा लेकर महिला पीछे के रास्ते अस्पताल परिसर से बाहर निकली और ऑटो में बैठकर फरार हो गई। सीसीटीवी के माध्यम से ऑटो चालक का पता लगाया और पूछताछ की और उसके बाद तकनीकी व सूत्रों की सूचना के आधार पर दिल्ली के सुल्तानपुरी एरिया से नवजात को बरामद कर लिया और आरोपी दीपक को गिरफ्तार कर लिया गया। आरोपी दीपक की सूचना पर आरोपी अनीता और पूजा को बदरपुर बॉर्डर से गिरफ्तार किया गया।
वार्ड में रेकी करने के लिए पहुंची थी आरोपी महिलाएं
प्राथमिक पूछताछ में सामने आया कि अनीता अपने पति से अलग दोस्त दीपक के साथ दिल्ली में रहती थी। सरकारी अस्पताल में जच्चा बच्चा वार्ड में आरोपी पूजा रेकी कर रही थी। उन्होंने योजना बनाई थी कि जैसे ही कोई गर्भवती महिला की डिलीवरी होगी तो मौका देखकर बच्चे का अपहरण कर लेंगी। आरोपी महिलाएं इससे पहले भी जच्चा-बच्चा वार्ड में रेकी करने के लिए आई थी।
पुलिस जांच में सामने आया कि गिरोह के आरोपी बच्चे को बुधवार सुबह आनंद विहार मेट्रो स्टेशन के पास ज्योति नाम की एक महिला को डेढ़ लाख रुपये में बेचने वाले थे। पुलिस जांच में यह भी सामने आया कि इस मामले में एक आरोपी देव उर्फ रविंद्र भी शामिल है, जो फरीदाबाद के नहरावली का रहने वाला है। वह महिलाओं को गाइड कर रहा था। आरोपियों ने बताया कि पैसों के लालच में आकर उन्होंने इस वारदात को अंजाम दिया था। ज्योति को भी जल्द गिरफ्तार किया जाएगा।