एलजी ने निर्देश दिया कि वितरण होने पर पोषण किट लेने वाले सभी लाभार्थियों की तस्वीरें ऑनलाइन अपलोड की जाएं, ताकि पारदर्शिता आ सकें। उन्होंने अस्पतालों, क्लीनिकों और औषधालयों के साथ समन्वय कर मरीजों की निगरानी करने को कहा है।
दिल्ली को अगले आठ माह में टीबी मुक्त बनाने का लक्ष्य रखा गया है। दिल्ली के उपराज्यपाल वीके सक्सेना ने मंगलवार को प्रधानमंत्री के क्षय रोग मुक्त भारत अभियान (पीएम-टीबी एमबीए) की समीक्षा की। इस दौरान उन्होंने आठ माह में दिल्ली को टीबी मुक्त करने के लिए मिशन-मोड में काम करने का निर्देश दिया। हालांकि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इसके लिए साल 2025 का लक्ष्य रखा है।
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उपराज्यपाल ने दिल्ली के मुख्य सचिव, एमसीडी के विशेष अधिकारी, स्वास्थ्य सचिव, संभागीय आयुक्त, निगम आयुक्त सहित अन्य अधिकारियों के साथ बैठक कर इस दिशा में ठोस काम करने का निर्देश दिया है। उन्होंने कहा कि शहर में इलाज करवा रहे 50,815 रोगियों में से, 95 फीसदी 46,028 मरीजों को अभियान के तहत लाभ दिया जा रहा है। प्रधानमंत्री के नि-क्षय मित्र अभियान के तहत इन्हें मुफ्त इलाज, दवा व अन्य सहायता दी जा रही है। इसमें एक हजार रुपये प्रति माह की आर्थिक मदद भी शामिल है।
एलजी ने निर्देश दिया कि वितरण होने पर पोषण किट लेने वाले सभी लाभार्थियों की तस्वीरें ऑनलाइन अपलोड की जाएं, ताकि पारदर्शिता आ सकें। उन्होंने अस्पतालों, क्लीनिकों और औषधालयों के साथ समन्वय कर मरीजों की निगरानी करने को कहा है। अधिकारियों ने एलजी को बताया कि सीएसआर फंड की मदद से 10 करोड़ रुपए की व्यवस्था हुई है जिससे 14 हजार मरीजों को लाभ दिया जा सकता है।
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जल्द शुरू होगी गोद लेने की योजना
15 अक्टूबर से इन मरीजों को गोद लेने का एक कार्यक्रम शुरू किया जाएगा। एलजी ने एलजी सचिवालय, एमसीडी, दिल्ली पुलिस व अन्य जगहों पर काम करने वाले अधिकारियों को मरीज को गोद लेने के लिए आगे आने को कहा है। एलजी ने निर्देश दिया कि पीएम-टीबी में एसोचैम, सीआईआई और फिक्की आदि जैसे कॉर्पोरेट संघों की भागीदारी बढ़ाने के प्रयास किए जाएं।