अगर सड़क पर गुलाबी टैक्सी दौड़ती नजर आए तो आप चौंकिएगा नहीं, क्योंकि सरकार सिर्फ महिलाओं के लिए गुलाबी टैक्सी उतारने की कवायद में जुटी है।
सुरक्षा के मद्देनजर इसका स्टीयरिंग भी महिला ड्राइवर के हाथ में होगा। केंद्र सरकार का भारी उद्योग विभाग इलेक्ट्रिक व्हीकल्स को बढ़ावा देने के लिए गुलाबी टैक्सी उतारेगा।
विभाग ने इसे लेकर राज्य सरकारों के साथ बैठक भी की है। गुलाबी टैक्सी की शुरूआत सबसे पहले दिल्ली, बंगलूरू जैसे मेट्रो शहरों में पायलट प्रोजेक्ट के रूप में की जाएगी।
केंद्र सरकार देगी सब्सिडी
राज्यों के परिवहन विभाग को इसकी जिम्मेदारी दी जाएगी। टैक्सी चलाने को लेकर किए गए अध्ययन के मुताबिक, इसे चलाने के लिए 10 रुपये प्रति किलोमीटर का खर्च आएगा। यह पूरी तरह से बैट्री चालित कार होगी।
केंद्र सरकार की ओर से इसके लिए सब्सिडी मिलेगी। इसके लिए भारी उद्योग विभाग के समक्ष प्रतिमाह 11,500 रुपये प्रति माह का सब्सिडी देने का भी प्रस्ताव रखा गया है।
इसमें प्रत्येक तीन साल पर बैट्री बदलने का खर्च भी शामिल है। हालांकि, अभी यह सब्सिडी कितनी मिलेगी इस पर फैसला नहीं हो पाया है।
फास्ट चार्जिंग स्टेशन भी बनेंगे
दिल्ली परिवहन विभाग के विशेष आयुक्त कुलदीप सिंह गांगर ने कहा कि प्रदूषण को कम करने के लिए इलेक्ट्रिक व्हीकल को बढ़ावा दिया जा रहा है।
धीरे-धीरे इसे सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था में शामिल करने की योजना है। वर्तमान में रीवा जैसी इलेक्ट्रिक कार सड़कों पर दौड़ रही है।
इसी तर्ज पर महिलाओं के लिए इलेक्ट्रिक टैक्सी (गुलाबी टैक्सी) सड़क पर उतारी जानी हैं। सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था में इलेक्ट्रिक व्हीकल लाने के साथ ही फास्ट चार्जिंग स्टेशन भी बनाए जाएंगे।