फरीदाबाद में पिलर बॉक्स घोटाले में बिजली निगम प्रबंधन ने लीपापोती शुरू कर दी है। 42 अधिकारियों के निलंबन के बाद नए एसई ने थाना मुजेसर में पलवल व जयपुर की दो कंपनियों पर धोखाधड़ी का मामला दर्ज कराया है। लेकिन सवाल है कि आरोपी अधिकारियों पर एफआईआर कब होगी।
विभाग के नए एसई मुकेश गुप्ता के मुताबिक थाना मुजेसर में पलवल की सैनी इलैक्ट्रॉनिक्स और जयपुर की ईश्वर मैटल इंडस्ट्रीज के खिलाफ धोखाधड़ी सहित पांच धाराओं में मामला दर्ज कराया गया है।
गुप्ता ने बताया कि पुलिस को शिकायत देने के साथ ही विभागीय स्तर पर भी मामले की जांच की जा रही है। यह दो कंपनियां पिलर बॉक्स आपूर्ति करने वाली थीं।
दर्ज शिकायत में एसई की ओर से पुलिस को बताया गया है कि डीएचबीवीएन हरियाणा ने पिलर बॉक्स का ठेका पलवल व जयपुर की कंपनियों को दिया था। लेकिन कंपनियों की ओर से जो रकम तय हुई थी उतना काम नहीं किया गया। जबकि पूरा बिल बिजली बोर्ड को दिया गया है, जिससे बोर्ड के साथ धोखा हुआ है।
कब होगी अधिकारियों पर कार्रवाई?
विभाग के नए एसई की ओर से दोनों कंपनियों पर तो मामला दर्ज करा दिया गया है, लेकिन सवाल उठता है कि क्या इस पूरे मामले में सिर्फ इन दोनों कंपनियों का ही दोष है या फिर दीमक की तरह बिजली निगम को खाने वाले अधिकारियों का भी।
विभाग उन अधिकारियों पर कार्रवाई क्यों नहीं करता जिनकी मिलीभगत से पिलर बॉक्स घोटाला हुआ है। बिना अधिकारियों की मिली भगत से प्राइवेट कंपनियां इतना बड़ा खेल नहीं कर सकतीं हैं।