जन्माष्टमी पर इस बार शुभ संयोग बन रहा है। जन्माष्टमी पांच सितंबर को है। इस बार परिपूर्ण रोहिणी नक्षत्र में जन्माष्टमी मनाई जाएगी।
पंडित दुलीदत्त कौशिक ने बताया कि शुक्रवार की रात्रि 12.26 बजे से रोहिणी नक्षत्र लग रहा है जो शनिवार को रात्रि 12.10 मिनट तक रहेगा।
इस दिन सर्वार्थ सिद्धि योग का भी संयोग बन रहा है। सर्वार्थ सिद्धि योग सुबह 6.05 से मध्य रात्रि 12.10 बजे तक है। इसलिए इस बार जन्माष्टमी अधिक शुभकारी होगा।
जन्माष्टमी पर शहर में होंगे विभिन्न आयोजन
जन्माष्टमी पर शहर के विभिन्न मंदिरों में भव्य आयोजन होते हैं। श्रीकृष्ण की झांकियों सहित मटकी फोड़ कार्यक्रम आदि का भी आयोजन किया जाता है।
शहर में इस्कॉन मंदिर, दूधेश्वरनाथ मंदिर, ठाकुरद्वारा मंदिर और नेहरू नगर के शिव मंदिर में विशेष पूजा-अर्चना और सजावट की जाती है।
राजनगर स्थित इस्कॉन मंदिर में जन्माष्टमी के अवसर पर कई दिनों तक कार्यक्रम आयोजित किया जाता है। इस दौरान मंदिर को विदेशी फूलों से सजाया जाता है।
बाजार में सजने लगें मोर-मुकुट और पालना
कृष्ण जन्माष्टमी के लिए कान्हा के वस्त्र और साज शृंगार के सामान सजने लगे हैं। लड्डू गोपाल के लिए मोर मुकुट, मूर्तियां आदि दिखने लगी हैं। सरार्फ मार्केट में श्रीकृष्ण की चांदी की मूर्तियां और पालना आदि आ गए हैं।