रूसी हमले से यूक्रेन के अंदर अशांति फैली है। बड़ी संख्या में लोग मारे जा चुके हैं। ऐसी परिस्थिति में कई ऐसे लोग जो यूक्रेन पर हमले से पहले दूसरे देश आए थे। अब उनके देश में जारी युद्ध की स्थिति में वे चाहकर भी स्वदेश नहीं लौट पा रहे हैं।
वसंत कुंज स्थित यूक्रेन दूतावास की दीवारों पर यूक्रेन के लोग अपने बच्चों के खिलौने टांग आए हैं। रूस के नाम खुला खत भी लटका दिया है, जिसमें लिख है 'रूस मेरे देश से निकल जाओ'। हमले में मारे गए लोगों की याद में और बचे हुए लोगों की सलामती के लिए दीये जल रहे हैं।
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सोमवार को दोपहर करीब 12 बजे यूक्रेन दूतावास के बाहर मीडिया कर्मियों की भीड़ जुटी थी। सबकी निगाहें दूतावास की दीवारों पर टंगे बच्चों के खिलौनों पर टिकी थीं। यहां जमीन पर फूलों के गुच्छे रखे थे। दूतावास का दरवाजा बंद था। यहां ड्यूटी कर रहे सुरक्षा कर्मियों ने बताया कि दिल्ली में रह रहे यूक्रेन वासियों ने इन फूलों को यहां रखा है। खिलौने भी उन्होंने ही रखे हैं।
रूसी हमले से यूक्रेन के अंदर अशांति फैली है। बड़ी संख्या में लोग मारे जा चुके हैं। ऐसी परिस्थिति में कई ऐसे लोग जो यूक्रेन पर हमले से पहले दूसरे देश आए थे। अब उनके देश में जारी युद्ध की स्थिति में वे चाहकर भी स्वदेश नहीं लौट पा रहे हैं। इनके परिजन यूक्रेन में बुरी तरह फंसे हैं, जिनकी जान को निरंतर खतरा है। पता चला, सोमवार को करीब 11 बजे वसंत कुंज दूतावास पर दो यूक्रेनी महिलाएं आई थीं, जिनके छोटे बच्चे यूक्रेन में फंसे हैं। वो अपने देश नहीं जा सकतीं। उन्होंने दिल्ली में यूक्रेन दूतावास के बाहर दीवारों पर खिलौने टांग दिए हैं और एक खुले खत के माध्यम से रूसी राष्ट्रपति ब्लादिमिर पुतिन को लिखा है, कि वो उनका देश छोड़कर चले जाएं।
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यूक्रेन वासियों ने दुनिया का चित्र बनाकर दूतावास की दीवारों पर लगाया है। इसमें दिखाया है कि उनके देश पर हमला करके रूस ने लाखों बच्चों का भविष्य बिगाड़ दिया है। यूक्रेन के राष्ट्रीय ध्वज के रंग में कागज पर सेव द यूक्रेन के साथ तरह-तरह के संदेश लगाए गए हैं।