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पंधेर की रिहाई से पूरा निठारी खफा, पूछे 10 सवाल

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29 दिसंबर 2006 का वह दिन जब सेक्टर-31 स्थित निठारी की डी-5 कोठी में खुदाई होने पर मिले नर कंकालों और लाशों से देश ही नहीं, पूरी दुनिया हिल गई थी।
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इस जघन्य कांड में आरोपी मोनिंदर सिंह पंधेर की रिहाई से पूरा निठारी खफा है। पीड़ित परिजनों का तो कहना है कि जमानत के बाद पंधेर को निठारी में घुसने नहीं देंगे।

निठारी कांड का शिकार बनी 10 साल की ज्योति के पिता जग्गूलाल और उसका पूरा परिवार मोनिंदर सिंह पंधेर की जमानत से आहत थे। जग्गूलाल और उसका परिवार डी-5 कोठी के सामने ए ब्लॉक में कपड़े प्रेस करने का काम करता है।
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जग्गूलाल की पत्नी कमला ने बताया कि अप्रैल 2005 में उसकी बेटी ज्योति पास की दुकान से एक साड़ी में पीको कराने गई थी। उसी दौरान गायब हो गई। सबने मिलकर खूब ढूंढा लेकिन वह नहीं मिली।

उसने दावा किया कि उस दौरान मोनिंदर पंधेर अपने घर के गेट के पास बनी खिड़की से उन्हें परेशान होते देख रहा था। पूछने पर बेटी के बारे में जानकारी से भी उसने इनकार किया था। कमला कहती है कि सुरेंद्र कोली अकेला दोषी नहीं है, उसने मोनिंदर ही असली आरोपी है।

गेट के सामने से गायब हुई बेटी, नाले में कंकाल

सेक्टर-31 की डी-2 कोठी में चौकीदार पप्पू लाल की 8 साल की बेटी रचना की भी लाश डी-5 में मिली थी। मूलरूप से मुरादाबाद के रहने वाले पप्पू लाल की पत्नी लक्ष्मी ने बताया कि गरीबों को कभी न्याय नहीं मिलता।

उसका कहना है कि असली गुनहगार तो मोनिंदर है, सुरेंद्र कोली तो उसके इशारे पर काम करता था। उसने बताया कि 9 अप्रैल 2006 को शाम को वह गेट के पास खेल रही थी कि अचानक वह गायब हो गई।

इसके बाद बहुत ढूंढा, लेकिन वह नहीं मिली। डी-5 कोठी की खुदाई हुई तो हमारी बच्ची के अवशेष मिले। मोनिंदर अगर जेल से छूटकर निठारी आया तो शायद हम अपना आपा ही खो दें।

प्रधानमंत्री को पहुंचाएंगी चिट्ठी : ऊषा ठाकुर
निठारी कांड के खुलासे में अहम किरदार निभाने वाली समाजसेवी उषा ठाकुर, मोनिंदर की जमानत से बेहद खफा हैं। उन्होंने जांच एजेंसी पर आरोप मढ़े। उनका कहना है कि गरीबों को न्याय नहीं मिल पाया। वह न्याय की गुहार लेकर प्रधानमंत्री के पास जाएंगी।

लोगों ने पूछे दस सवाल

1. मोनिंदर सिंह पंजाब में अपने परिवार के साथ क्यों नहीं रहता था। वह पत्नी और बच्चों से दूर अकेले नोएडा में रहकर किस प्रकार की गतिविधियों में लिप्त था।
2. उसका नौकर सुरेंद्र कोली हमेशा नशे में रहता था। उसके कमरे से पाया गया महंगा नशा क्या जाहिर करता था कि प्रतिदिन हजारों रुपये का नशा करने के लिए उसे रुपये कहां मुहैया होते थे।

3. पंधेर की नौकरानी माया की मालदा पश्चिम बंगाल में दुकान थी। हर महीने वह मालदा आती-जाती थी। एक नौकरानी को इतने रुपये कहां से मिलते थे।
4. पंधेर की मौजूदगी में पुलिस के छापे में फ्रिज में एक बच्ची का कलेजा मिला था। क्या पंधेर इससे वाकिफ नहीं था।

5. बेटी के गायब होने पर प्रेस वाले जग्गूलाल की बीवी कमला से उसकी बातचीत होना।
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आगे हैं सवाल: ऐसे दूर करते थे लाशों की दुर्गंध

6. कोठी में इतनी लाशें होने के बावजूद उसकी दुर्गंध न आने के लिए बेहद महंगे केमिकल का उपयोग किया गया था। नौकर क्या इतना महंगा केमिकल ला सकता था।

7. टीवी पर नौकरानी माया को देखकर पास में रहने वाले खान की बेटी ने पहचाना था कि उसी ने बच्ची को एक बार उठाने की कोशिश की थी।
8. पायल को लाने वाले रिक्शा चालक ने देखा था कि जब वह अंदर गई थी तो थोड़ी देर बाद दो गाड़ियां गेट के अंदर से निकलकर बाहर गई थीं, क्या मोनिंदर के बजाए नौकर से मिलने आए थे लोग।

9. सफाई कर्मियों ने बताया था कि मोनिंदर कोठी के बाहर वाले नाले की कभी सफाई क्यों नहीं करवाने देता था।
10. मोनिंदर आसपास के लोगों से बिलकुल मिलता-जुलता नहीं था। इतनी लाशें घर में होने के बावजूद क्या उसे इसका पता ही नहीं चल पाया।
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