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Kanwar Yatra: कांवड़ लेकर आए शिवभक्त स्थानीय मंदिरों में पहुंचे, लोगों ने किया जोरदार स्वागत

Tue, 26 Jul 2022 06:44 AM IST
विजय पुंडीर अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली

सार

सोमवार दोपहर बाद स्थानीय कांवड़िया आने लग गए। उनके स्वागत के लिए श्रद्धालुओं ने सभी मंदिरों व शिविरों में पहले से ही तैयारी कर रखी थी। वह कांवड़ियों को करीब एक किलोमीटर दूर से ढोल बाजे के साथ मंदिरों और शिविर तक लाए।
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शिव मंदिरों में जलाभिषेक करने के लिए गंगाजल ले जाते कांवडि़यें - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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गौमुख व हरिद्वार से पैदल कांवड़ लेकर आए राजधानी के अधिकतर कांवड़ियां सोमवार की शाम स्थानीय मंदिरों और उनके पास लगे शिविरों में पहुंच गए। इन स्थानों पर पहुंचने पर श्रद्धालुओं ने कांवड़ियों का जोरदार स्वागत किया और बड़े बुजुर्गों ने उनको आशीर्वाद दिया। वह मंगलवार की सुबह शिवरात्रि के मौके पर मंदिरों में शिवलिंग पर गंगाजल से अभिषेक करेंगे। वह सात से 15 दिन पैदल चलकर कांवड़ में कड़ी तपस्या करके लाए गंगाजल लाए हैं।

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राजधानी स्थित गौरी शंकर मंदिर, मादीपुर के शिव मंदिर, झंडेवाला मंदिर, कालकाजी मंदिर, छतरपुर मंदिर समेत विभिन्न कालोनियों व गांवों में बने शिव मंदिरों व लगे शिविरों में सोमवार को दोपहर बाद एक अलग सी रौनक देखने को मिली। दरअसल, सोमवार दोपहर बाद स्थानीय कांवड़िया आने लग गए थे। उनके स्वागत के लिए श्रद्धालुओं ने सभी मंदिरों व शिविरों में पहले से ही तैयारी कर रखी थी। वह कांवड़ियों को करीब एक किलोमीटर दूर से ढोल बाजे के साथ मंदिरों और शिविर तक लाए। वहां पहुंचने पर महिलाओं ने कांवड़ियों के पैर धोए और तिलक लगाया, जबकि बुजुर्गों ने कांवड़ियों को फूलमालाए पहनाई। वहीं कांवड़ियों ने उनके पैर छूकर आशीर्वाद लिया। इस बीच कांवड़ियों से मिलने के लिए उनके परिजनों का देर शाम तक तांता लगा रहा।

राजधानी के अधिकतर कांवड़िया झूला कांवड़ लेकर आए हैं, वहीं अनेक कांवड़िया खड़ी तो कुछ बैठी कांवड़ आए। खड़ी कांवड़ लेकर आए कांवड़ियों की मदद के लिए तमाम मंदिरों व शिविरों में श्रद्धालु मौजूद रहे और उनमें कांवड़ लेने के लिए होड़ मची देखी गई। जल चढ़ने तक खड़ी कांवड़ कंधे पर रहती है। राजधानी में रविवार की शाम तक हरियाणा व राजस्थान के कांवड़ियां आए थे, लेकिन सोमवार की सुबह पूर्वी दिल्ली व बाहरी दिल्ली की ओर से राजधानी के कांवड़ियों ने प्रवेश शुरू किया और शाम तक उनके आने का सिलसिला जारी रहा। इस तरह राजधानी की तमाम सड़कों पर सोमवार को पूरा दिन कांवड़ियों का तांता लगा रहा और सड़कों पर कांवड़ियों के झूंड के झूंड चलते हैं।

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डाक कांवड़ लेकर आज आएंगे श्रद्धालु
राजधानी के अनेक शिव भक्त डाक कांवड़ लेने भी गए हुए हैं। इनमें अधिकतर कॉलोनियों एवं गांवों के शिवभक्त शामिल हैं। वह टीम बनाकर हरिद्वार गए हैं और वह कांवड़ लेकर बारी-बारी से दौड़कर अपनी कॉलोनी व गांव तक आएंगे। उन्होंने सोमवार की सुबह से डाक कांवड़ लेकर चलाना शुरू किया है और उनका मंगलवार की सुबह से आने का सिलसिला शुरू हो जाएगा और दोपहर बाद तक वह आएंगे। मंदिरों में डाक कांवड़ लेकर आने वाले भक्तों का बिना किसी रूकावट के तत्काल जल चढ़वाया जाएगा। दरअसल वह कांवड़ लेकर पहुंचने का समय निश्चित करके चलते हैं। वह डाक कांवड़ लाने के लिए करीब दो माह पहले दौड़ने का अभ्यास शुरू कर देते हैं।

शिवरात्रि आज, मंदिरों में तैयारी पूरी
राजधानी स्थित तमाम शिव मंदिरों में शिवरात्रि की तैयारी पूरी हो गई है। शिवरात्रि के अवसर पर मंगलवार को कांवड़ियों के अलावा बड़ी संख्या में शिव भक्त जलाभिषेक करेंगे। सभी मंदिरों में व्यवस्था बनाए रखने और शिव भक्तों की सुविधा के लिए कमेटिया बनाई गई है।

चांदनी चौक स्थित गौरी शंकर मंदिर एवं मादीपुर स्थित शिव मंदिर में शिवरात्रि के दिन शिवभक्तों की भारी भीड़ रहेगी। इन मंदिरों में हजारों की संख्या में कांवड़िया जलाभिषेक करेंगे। वहीं अन्य शिवभक्त भी बड़ी संख्या में शिवलिंग पर जलाभिषेक करेंगे। इसके अलावा आसफअली रोड स्थित श्रीराम हनुमान वाटिका मंदिर, जयपुर हाईवे स्थित रंगपुरी गांव में स्थापित शिव मूर्ति पर भी बड़ी संख्या में श्रद्धालु पूजा अर्चना करेंगे। इन मंदिरों में कमेटियों ने श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए विशेष टीम बनाई गई हैं।

हर-हर महादेव की गूंज के साथ जलाभिषेक किया
सावन माह के दूसरे सोमवार को भी पहले सोमवार की तरह राजधानी के विभिन्न मंदिरों में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ रही। शिवभक्तों ने बोल बम के उद्घोषों के बीच शिवलिंग पर जलाभिषेक किया। मंदिरों में विशेष आरती भी की गई। श्रद्धालुओं ने मनोकामना पूरी करने के लिए व्रत भी रखा। सावन माह के दूसरे सोमवार के अवसर पर चांदनी चौक स्थित गौरी शंकर मंदिर, मादीपुर स्थित शिव मंदिर, जयपुर हाई वे स्थित शिव मूर्ति, झंडेवाला माता मंदिर, कालकाजी स्थित कालका मंदिर, छतरपुर मंदिर, बिड़ला मंदिर, कनाट प्लेस स्थित हनुमान मंदिर के साथ-साथ राजधानी स्थित तमाम छोटे-बड़े मंदिरों में पूजा-अर्चना के लिए सुबह से ही श्रद्धालुओं का तांता लगना शुरू हो गया। बोल-बम व हर-हर महादेव की गूंज के बीच उन्होंने शिवलिंग पर जलाभिषेक किया।
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