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चिनटेल्स पैराडाइसो: सोसाइटी में सी-टावर के लोग भी बिल्डर से चाहते सेटलमेंट, पिलर्स और सीढ़ियों में आई दरारें

Sun, 24 Dec 2023 02:50 PM IST
आकाश दुबे अमर उजाला ब्यूरो, गुरुग्राम

सार

निवासियों का कहना हैं कि उनके ऊपर भी खतरा मंडरा रहा है। स्थानीय लोग भी चाहते हैं कि बिल्डर सेटलमेंट करने की प्रक्रिया शुरू करें और मार्केट रेट के हिसाब से पैसे दे।
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सांकेतिक तस्वीर - फोटो : फाइल फोटो
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विस्तार
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गुरुग्राम के सेक्टर-109 स्थित चिनटेल्स पैराडाइसो सोसाइटी में के सी-टावर के लोग भी बिल्डर से सेटलमेंट चाहते हैं। उनका कहना हैं कि टावर के कुछ पिलर और सीढ़ियों में भी दरारें आई हुई हैं। निवासियों का कहना हैं कि उनके ऊपर भी खतरा मंडरा रहा है। स्थानीय लोग भी चाहते हैं कि बिल्डर सेटलमेंट करने की प्रक्रिया शुरू करें और मार्केट रेट के हिसाब से पैसे दे।

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चिनटेल्स पैराडाइसो सोसाइटी के टावरों में डी टावर के छज्जे और बालकनी लगातार गिर रही है। दूसरी ओर स्थानीय लोगों के अनुसार, आईआईटी की टीम ने जे और सी टावर के बेसमेंट और कुछ फ्लैट की जांच की थी। निवासियों के मुताबिक टावरों की स्थिति खराब है। कुछ पिलर और सीढ़ियों में भी दरारें आई हुई हैं। टावर सी में रहने वालों का कहना हैं कि मार्केट रेट के हिसाब से पैसा चाहते हैं। उन्होंने बताया कि कई हिस्सों में टावर सी में भी गहरी दरार आ गई हैं, जो डराती हैं।

दूसरी ओर स्थानीय लोग बिल्डर की दिए जाने वाले पैसे व अन्य बातों को लेकर डीसी के साथ बैठक करने की मांग को लेकर ईमेल कर रहे हैं। ऐसे में असुरक्षित टावरों में रह रहे कुछ लोगों के कारण बैरिकेडिंग और टावरों को गिराए जाने की प्रक्रिया रुकी हुई है। आरडब्ल्यूए प्रधान राकेश हुड्डा ने बताया कि लोगों को शिफ्ट करवाने के लिए प्रशासन ने बिल्डर को निर्देश दिए हैं कि वह निवासियों के साथ सेटलमेंट करके जल्द प्रक्रिया को आगे बढ़ाए। ऐसे में बिल्डर और टावरों में रह रहे निवासियों की बैठक हो रही हैं। बैठक में बिल्डर की तरफ से ऑफर कुछ बढ़ाया गया और एडवांस किराया सहित शिफ्टिंग चार्ज पर बात रुकी हुई है। लोगों को 31 दिसंबर से पहले किराए के मकान देखने को कहा है। बिल्डर के उपाध्यक्ष जेएन यादव ने कहा कि ऑफर स्वीकर करने की प्रक्रिया शुरू हो गई है। प्रशासन और सरकार से कई अप्रूवल लेने होंगे।
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बता दें कि 10 फरवरी 2022 को डी टावर में हुए हादसे में दो महिलाओं की मौत हो गई थी। इसके बाद जिला प्रशासन ने हादसे की जांच के लिए कमेटी गठित कर दी थी। कमेटी ने रिपोर्ट नवंबर 2022 में सौंप दी थी। इसमें पांच टावरों को अनसेफ घोषित कर दिया गया था। वहीं, चार टावरों को आईआईटी की टीम ने रहने योग्य घोषित किया था। इसमें लोग अभी रह रहे हैं। असुरक्षित घोषित टावरों में अभी एच टावर में करीब 15 परिवार रह रहे हैं। उनको खाली करने के लिए नोटिस जारी किया था।

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