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पुन्हाना में तनाव के बादल छंटे, कर्फ्यू खत्म

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चुनाव के दौरान फर्जी वोट के सवाल पर दो गुटों के बीच हुए झगड़े से उत्पन्न तनाव के बादल छह दिन बाद छंट गए। दोनों गुटों ने गिले-शिकवे भुलाकर एक दूसरे के खिलाफ किए गए मुकदमे वापस लेने का निर्णय लिया। इसके बाद डीसी और एसपी की मौजूदगी में शाम को पुन्हाना बाजार में शांति मार्च निकाला गया। प्रशासन ने बृहस्पतिवार से पुन्हाना से पूर्ण रूप से कर्फ्यू हटाने का ऐलान किया है।
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दोनों पक्षों में समझौते के लिए पुन्हाना थाने में बुधवार को उपायुक्त रमेशचंद शर्मा और पुलिस अधीक्षक अनिल धवन की मौजूदगी में पंचायत हुई। इसकी अध्यक्षता जमीयत उलेमा के सदर मौलवी याहया ने की। बैठक में दोनों पक्षों से 51-51 लोग शामिल हुए।  शुरुआत में दोनों पक्षों ने एक-दूसरे की गलतियां गिनाईं, इसे उन्होंने स्वीकार भी किया।

इसके बाद विवाद खत्म करने का निर्णय लिया गया। दोनों पक्षों की ओर से बातें रखने के बाद मौलवी याहया ने शमसुद्दीन एवं भानीराम मंगला को गले मिलाया। सभी ने इसका ताली बजाकर स्वागत किया। इसके बाद दोनों पक्ष के लोगों ने उपायुक्त रमेशचंद वर्मा व पुलिस अधीक्षक अनिल धवन के नेतृत्व में शहर के बाजारों और मुख्य रास्तों में अमन जुलूस निकाला। इस दौरान दुकानें भी खुलवाई गईं।
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मृतक के परिजनों को दो लाख देने की घोषणा

उपायुक्त रमेशचंद वर्मा ने कहा कि 11 अप्रैल को जिस युवक वाजिद की हत्या हुई थी, उसके परिजनों को 2 लाख रुपये की सहायता राशि दी जाएगी। हत्या की निष्पक्ष जांच होगी और दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा।

उन्होंने पंचायत के फैसले का स्वागत करते हुए कहा कि दोनों पक्षों ने अमन-चैन का जो फैसला लिया गया है, उसका फायदा सभी को मिलेगा। पुन्हाना के लोगों ने शांति व संयम का परिचय दिया है।

भविष्य में भी भाईचारा व सदभाव बनाए रखें। एसपी अनिल धवन ने भी कहा कि हत्या के मामले की तफ्तीश जारी है। दोषियों के खिलाफ कानून अपना काम करेगा।  पुलिस विभाग भी युवक के परिजनों की आर्थिक मदद देगा।

फौज और पुलिस रवाना

पुन्हाना कस्बे का विवाद समाप्त होने के तुरंत बाद मेवात उपायुक्त ने पुन्हाना कस्बे से कर्फ्यू हटाने के आदेश दे दिए। पिछले एक सप्ताह से शांति बनाए रखने के लिए तैनात पुलिस और फौज के जवान बुधवार देर शाम अपने गंतव्य के लिये रवाना हो गए।

इससे पहले तनाव गहराने के साथ ही पुन्हाना पुलिस छावनी में तब्दील हो गया था। एडीजीपी के के शर्मा, सीआरपीएफ डीआईजी मोहिन्द्र कुमार, आईजी सत्यप्रकाश रंगा, कमिश्नर डीपीएस नागंल, मेवात के उपायुक्त आर सी वर्मा व पुलिस कप्तान अनिल कुमार धवन लगातार कैंप कर रहे थे। बड़ी संख्या में अर्ध सैनिक बल के जवानों को भी बुला लिया गया था।

पिनगवां के लोगों की पहल से सुलझा मामला

कस्बा पिनगवां के पूर्व मार्केट कमेटी के वाइस चेयरमैन संजय सिंगला, सरंपच अर्जुन सिंह, समाजसेवी संतराम पटेल, रमेश गर्ग, रमेश नंबरदार, सुंदर सिंगला, कौशल सिंगला ने मामले को सुलझाने में महत्वपूर्ण भूमिका अदा की। वह पिछले तीन दिनों से इसके लिए प्रयासरत थे। इनकी दोनों पक्षों से बातचीत चल रही थी। क्षेत्र के नेताओं ने भी एकजुटता दिखाई।

बैठक में इनेलो विधायक मोहम्मद इलियास व शमसुद्दीन ने कहा कि इलाके में कठिन से कठिन समय में भाईचारा बना रहा है, आगे भी जारी रहेगा। भानीराम मंगला व धर्मबीर सैनी ने भी दूसरे पक्ष के लोगों के साथ प्यार-प्रेम बने रहने का भरोसा दिलाया।

बैठक में पूर्व डिप्टी स्पीकर आजाद मोहम्मद, एजाज खान, चौधरी अब्दुलाह, इब्राहिम इंजीनियर, अख्तर हुसैन, हबीबुर्रहमान, इकबाल जैलदार, सफी मोहम्मद, अयूब एडवोकेट, रहीशा खान, अख्तर रावलकी, हनीफ, सुभान खान, राधेश्याम कालड़ा, मित्रसेन आहूजा, मंगतराम, कपूरचंद गोयल, रवि कुमार, सुरेश नंबरदार, बलराज सिंगला, संजय सिंगला, अर्जुन सिंह, राममोहन, तुलसीराम, अजय स्वरूप, उत्तम चंद आर्य आदि शामिल हुए।
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क्या था मामला

मतदान के दौरान 10 अप्रैल को बूथ संख्या 71 पर बीजेपी व इनेलो कार्यकर्ताओं में फर्जी वोट को लेकर झड़प हो गई थी। तब नगरपालिका के चेयरमैन के पति शमसुद्दीन और बीजेपी नेता भानीराम मंगला ने दोनों पक्षों को समझा बुझाकर अलग कर दिया।

लेकिन उसी दिन शाम को करीब पांच बजे फिर फर्जी वोट को लेकर तकरार हो गया। तनाव इतना बढ़ गया कि बाजार में सामान खरीदने आए दूसरे गांव के लोगों की कुछ लोगों ने पिटाई कर दी।

इसके बाद पुन्हाना का माहौल बिगड़ गया। अगले दिन एक युवक की लाश मिलने के बाद किसी अनहोनी से सशंकित प्रशासन ने पुन्हाना खंड में कर्फ्यू लगा दिया।
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