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देश के सबसे बड़े कैंसर अस्पताल में मरीजों की भर्तियां शुरू, एम्स से हर दिन किए जा रहे रेफर

Thu, 17 Jan 2019 05:46 AM IST
Vikas Kumar न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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कैंसर मरीज - फोटो : फाइल फोटो
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देश के सबसे बड़े कैंसर अस्पताल में मरीजों की भर्तियां शुरू कर दी गई हैं। दिल्ली एम्स से हर दिन कैंसर मरीजों को हरियाणा के झज्जर स्थित बाढ़सा गांव में मौजूद राष्ट्रीय कैंसर संस्थान (एनआईसी) भेजा जा रहा है। बताया जा रहा है कि अगले कुछ दिन में कैंसर अस्पताल की क्षमता बढ़ने वाली है। वहां मरीजों के ओपीडी और आईपीडी कार्ड बनना शुरू हो चुके हैं। फिलहाल प्रबंधन ने 90 बिस्तरों पर मरीजों को भर्ती करना शुरू कर दिया है। जबकि ये अस्पताल 710 बिस्तरों का है। 

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बताया जा रहा है कि इस साल के आखिर तक करीब 200 बिस्तरों की सुविधा मरीजों को मिलने लगेगी एम्स के वरिष्ठ कैंसर विशेषज्ञ ने बताया कि दिल्ली स्थित एम्स में कैंसर के लिए 182 बिस्तर हैं, लेकिन मरीजों की संख्या इससे कई गुना ज्यादा है। जबकि कैंसर के लिए सरकार अब अलग से देश का सबसे बड़ा अस्पताल शुरू कर चुकी है। 

इसलिए एम्स से एनआईसी हर दिन मरीजों को रेफर किया जा रहा है। डॉक्टरों के अनुसार राष्ट्रीय कैंसर संस्थान में ओपीडी शुल्क 10 रुपये रखा गया है। इसके अलावा अन्य किसी भी तरह का शुल्क नहीं लिया जाएगा। यहां के लिए एक्सटनर रेडिएशन की 48 करोड़ की कीमत वाली मशीन खरीदी गई है। यहां पर जल्द ही महंगी प्रोटोन थेरेपी गरीबों के लिए मुफ्त होगी। प्रोटोन थेरेपी बच्चों के ब्रेन ट्यूमर, रीढ़ के कैंसर में ज्यादा कारगर है। 
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एम्स के झज्जर स्थित कैंसर संस्थान को 2035 करोड़ रुपये की लागत से तैयार किया है। दरअसल 2035 करोड़ की लागत से तैयार राष्ट्रीय कैंसर संस्थान में मरीजों को इलाज, शोध और दवाओं का परीक्षण किया जाएगा। करीब पांच देशों से इसके लिए करार भी किया है। इस केंद्र को देश के सभी राज्य स्तरीय कैंसर अस्पतालों से जोड़ा है। 

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