रजिस्ट्रेशन टैक्स घटाने आर पीजीटी गुड्स टैक्स हटाने को लेकर एंबुलेंस वेलफेयर एसोसिएशन की मांग मरीजों और परिजनों पर भारी पडने लगी है।
निजी एंबुलेंस संचालकों की अनिश्चितकालीन हड़ताल के दूसरे दिन मंगलवार को इसका व्यापक असर दिखा। मृतकों के परिवार को सबसे अधिक परेशानी झेलनी पड़ी। एंबुलेंस नहीं मिलने की सूरत में वह माल ढोने वाली छोटी गाड़ियों और ऑटो से शव को ले जाने को मजबूर हुए।
वहीं, छोटे नर्सिंग होम व निजी अस्पताल में आने वाले मरीज भी बुधवार को परेशान रहे। एंबुलेंस न मिलने से सरकारी अस्पतालों में आए मरीज और दुर्घटनाग्रस्त लोग बेहाल दिखे।
अस्पतालों से शव को शव गृह तक पहुंचाने में भी परेशानी हुई। बता दें कि गुडग़ांव के करीब 325 और पूरे दिल्ली-एनसीआर में करीब 8000 एंबुलेंस चालक इस हड़ताल में शामिल हैं।
27 जनवरी को परिवहन आयुक्त ने पत्र जारी कर गुड्स टैक्स और बढ़ा हुआ रजिस्ट्रेशन टैक्स देने के आदेश दिए हैं। एसोसिएशन एंबुलेंस पर नया पीजीटी गुड्स टैक्स को 2011 से माफ करने और रजिस्ट्रेशन टैक्स 6 फीसदी से घटाकर एक फीसदी करने की मांग करते हुए अनिश्चितकालीन हड़ताल पर है। बुधवार को सभी एंबुलेंस संचालक सेक्टर-14 में एकजुट खड़े रहे।
वेलफेयर एसोसिएशन के महासचिव विपिन कुमार और प्रधान सुरेंद्र तंवर ने बताया कि चार महीने बाद भी टैक्स माफी की घोषणा पर अमल नहीं किया गया है।
बल्कि इसे देने के लिए परिवहन आयुक्त की तरफ से पत्र जारी कर दिया गया है। इसके विरोध में यह आंदोलन किया जा रहा है, जब तक इसे वापस नहीं लिया जाएगा, तब तक हड़ताल जारी रहेगा।
दिल्ली की तर्ज पर 13 साल का फिटनेस सर्टिफिकेट देने की मांग की गई। बता दें कि हरियाणा में इसकी मियाद घटाकर आठ साल कर दी गई है।