पंचायत चुनाव में अधिक खर्च करने वाले प्रत्याशियों पर प्रशासन की पूरी नजर है। चुनाव आयोग के निर्देश पर पंचायत चुने जाने के एक महीने बाद तक प्रत्याशियों को चुनावी खर्च का ब्यौरा प्रशासन को देना होगा।
बुधवार को चुनाव हुए एक महीना पूरा हो रहा है। इसके लिए राज्य चुनाव आयोग ने ऑब्जर्वर भी नियुक्त किया है। दरअसल, सरपंची पाने के लिए उम्मीदवारों ने लाखों रुपया पानी की तरह बहाया।
कई गांवों में शराब के बांटे जाने की सूचना रही। लिहाजा चुनाव के बाद प्रशासन अधिक खर्च करने वाले प्रत्याशियों पर नजर रखनी शुरू कर दी है।
चुनाव आयोग के निर्देश पर जिला प्रशासन ने सभी प्रत्याशियों से खर्चा का ब्यौरा मांगा है। बता दें कि पिछली बार चुनावी खर्च जमा कराए जाने पर चुनाव आयोग की ओर से 400 प्रत्याशियों को कार्रवाई की गई थी।
इनमें से कई लोगों ने इस बार चुनाव लडने का फैसला किया तो इनके फार्म रद्द कर दिए गए। अबकी बार ऐसा बहुत कम होगा। लोगों को इस बात का पता चल गया है कि चुनावी खर्च का ब्यौरा दिया जाना बहुत आवश्यक है।
अन्यथा इस मामले में उनपर कार्रवाई भी हो सकती है। प्रथम चरण के चुनाव में कई प्रत्याशियों ने लिमिट से अधिक खर्च किया है। इनके बारे में किसी प्रकार की शिकायत आने के बाद जांच भी होगी।