स्पेशल सेल के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि पुलिस ने महेश कुमावत की गिरफ्तारी के बाद उसे शनिवार सुबह ही दिल्ली के पटियाला हाउस कोर्ट में पेश किया गया। अदालत ने कुमावत को सात दिनों को पुलिस रिमांड पर भेज दिया। पुलिस ने अदालत से आरोपी की 15 दिनों की रिमांड मांगी थी।
स्पेशल सेल के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि महेश पिछले 2 सालों से दूसरे आरोपियों से जुड़ा हुआ था और वह साजिश का पूरी तरह हिस्सा था। उसने लगभग सभी बैठकों में उसने भाग लिया। पुलिस अधिकारियों के अनुसार वह मुख्य आरोपी ललित झा के साथ मोबाइल फोन और सबूत नष्ट करने में सक्रिय रूप से शामिल था। वह नीलम को भी अच्छी तरह जानता है।
वरिष्ठ पुलिस सूत्रों का कहना है कि जांच टीम ने महेश का इंस्टाग्राम डिकोड कर कई खुलासे किए हैं। महेश पर युवाओं को भड़काने के साथ-साथ वीडियो के जरिए उनका ब्रेन वॉश करने का आरोप है। वह अपने इंस्टाग्राम पर कथित क्रांतिकारियों की तस्वीरें लगाता था। महेश कुमावत ने ललित झा की छिपने में भी मदद की थी। उसके इंस्टाग्राम पोस्ट से खुलासा हुआ है कि वह सिर्फ आरोपियों को लॉजिस्टिक सहायता ही उपलब्ध नहीं कराता था बल्कि इस गुट और साजिश का अहम किरदार था।
सभी आरोपी कई दिनों से बना रहे थे प्लान
आरोपियों ने पूछताछ में खुलासा किया है कि इस पूरे प्रकरण का मास्टरमाइंड ललित झा है। सभी आरोपी सोशल मीडिया के जरीए जुड़े थे और एक-दूसरे को काफी दिनों से जानते थे। ये लोग इस घटना को अंजाम देने के लिए कई दिनों से प्लानिंग कर रहे थे।
नीलम को जींद व हिसार ले जाया गया
दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल की एक टीम नीलम को शनिवार को जींद व हिसार ले गई। उसे हिसार में उस पीजी में ले जाया गया, जहां वह रहती है। पुलिस ने नीलम को हरियाणा ले जाने से पहले उसका सफदरजंग अस्पताल में मेडिकल कराया गया था।