अस्पताल की इमरजेंसी में भर्ती मरीजों में 12 बेड में से छह पर बच्चे भर्ती किए हैं। बुखार, पेचिश व पेट दर्द की समस्या के कारण उन्हें भर्ती किया गया है। परिजनों का आरोप है कि इलाज के नाम पर मरीजों के तीमारदार से ही दवाएं बाहर से मंगवाई जा रही हैं। उधर, प्रधान चिकित्सा अधिकारी डॉ. सविता यादव का कहना है कि इमरजेंसी में किसी मरीज से दवाएं नहीं मंगवाई जा रही। ओपीडी मरीजों को कुछ दवाएं न मिलने के कारण ऐसा हो सकता है। मौसम अनुसार ओआरएस का घोल भी अस्पताल में पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध है।