दिल्ली शिक्षा निदेशालय ने स्कूलों की मनमानी से परेशान अभिभावकों को एक और बड़ी राहत देने का काम किया है।
अब अभिभावक अपनी शिकायत का स्टेटस ऑनलाइन जान सकेंगे। निदेशालय ने इसके लिए
दो तरह की सुविधा उपलब्ध कराई है। जो अभिभावक शिकायत करने पर यह जानना
चाहते हैं कि उनकी शिकायत दर्ज हुई भी है या नहीं तो वह निदेशालय की
वेबसाइट पर जाकर पता लगा सकते हैं।
इसी तरह से उन्हें अपनी शिकायत
का स्टेटस जानने के लिए भी सुविधा दी गई है। जहां वह यह जान सकते हैं कि
उनकी शिकायत कहां तक पहुंची है और किसके पास पहुंची है। दोनों ही स्टेटस
जानने के लिए शिकायतकर्ता को अपना मोबाइल नंबर डालना होगा। इसके बाद ही
उन्हें स्टेटस का पता चल सकेगा।
बार-बार नहीं लगाने पड़ेंगे ऑफिसों के चक्कर
बच्चे के दाखिले के लिए अब अभिभावकों को दस्तावेजों के सत्यापन के लिए अफसरों के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे। वे अपने दस्तावेज स्वयं सत्यापित करके जमा करा सकेंगे। निजी स्कूलों में जांच के समय उन्हें केवल मूल कागजात दिखाने होंगे। दस्तावेज फर्जी पाए जाने पर स्कूल अंतिम समय में भी दाखिला रद्द कर सकता है।
अतिरिक्त शिक्षा निदेशक (एक्ट) डॉक्टर मधु रानी तेवतिया ने इस संबंध में निजी स्कूल प्रमुखों को एक आदेश जारी किया है। इसमें कहा गया है कि स्कूलों को अभिभावकों के स्वयं सत्यापित दस्तावेजों को स्वीकार करना होगा। निदेशालय के अधिकारियों के अनुसार, यदि स्कूल दस्तावेजों को फर्जी और असत्यापित पाते हैं तो ऐसे बच्चे के दाखिले को रद्द कर सकते हैं।
एडमिशन नर्सरी डॉटकॉम के प्रमुख सुमित वोहरा ने कहा कि यह काफी सकारात्मक कदम है। अब तक अभिभावक असमंजस में थे। कुछ स्कूलों ने यह नहीं बताया था कि वह नोटरी से बने, राजपत्रित अधिकारी या एसडीएम में से किसके सत्यापित दस्तावेजों को स्वीकार करते हैं। इसकी वजह से उन्हें यह डर था कि गलत सत्यापित होने से कहीं दाखिला रद्द न हो जाए।