1050 रुपये का जुर्माना लगाया, जुर्माना नहीं भरने पर एक दिन की सजा भुगतनी होगी
पशु क्रूरता अधिनियम के तहत लगा अधिकतम जुर्माना, 15 महीने चली सुनवाई के बाद कोर्ट ने सुनाया फैसला
संवाद न्यूज एजेंसी
फरीदाबाद। सेक्टर-82 स्थित पुरी प्रणायम सोसायटी में पालतू कुत्ते को भीषण गर्मी में बांधकर रखने के मामले में अदालत ने आरोपी मालिक को 24 अप्रैल को दोषी करार दिया। अदालत ने 1050 रुपये का जुर्माना भी लगाया गया है। इस मामले में 20 जून 2024 को बीपीटीपी थाना पुलिस ने पीपल फॉर एनिमल यूनिट की हेड वृंदा शर्मा की शिकायत पर प्राथमिकी दर्ज की थी।
घटना के अनुसार, आरोपी दीपक शर्मा ने अपने पालतू कुत्ते को तपती धूप में एक छोटी सी बालकनी में बांध रखते थे। सूचना मिलने पर पहुंची टीम ने पुलिस की सहायता से कुत्ते को रेस्क्यू किया था। आरोप है कि उस दौरान आरोपी ने टीम के साथ दुर्व्यवहार किया था। पुलिस ने जांच पूरी कर आरोपी के खिलाफ अदालत में चालान पेश किया। शुरुआत में यह मामला पशु क्रूरता अधिनियम 1960 की धारा 11 के तहत दर्ज था, लेकिन बाद में अदालत ने इसमें आईपीसी की धारा 429 भी जोड़ दी थी।
अतिरिक्त मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट जितेंद्र सिंह की अदालत में 22 जनवरी 2025 को इस मामले की सुनवाई शुरू हुई। करीब 15 महीने तक चली कानूनी प्रक्रिया और छह सुनवाइयों के बाद आरोपी दीपक शर्मा ने अदालत के समक्ष अपना जुर्म स्वीकार कर लिया।
अदालत ने दोनों पक्षों की दलीलों को सुनने के बाद आरोपी पर पशु क्रूरता अधिनियम की धारा 11 के तहत 1050 रुपये का जुर्माना लगाया, जो इस अधिनियम में पहली बार अपराध के लिए अधिकतम निर्धारित राशि है। जुर्माना न भरने की स्थिति में दोषी को एक दिन की साधारण कैद भुगतनी होगी।