राकेश का हार्ट आर्मी अस्पताल में ले जाया गया, यहां 49 वर्षीय सेना के जवान का हृदय प्रत्यारोपण किया गया। इसके अलावा दोनों कार्निया एम्स के राष्ट्रीय नेत्र बैंक में सुरक्षित रख लिया गया है। एम्स के ऑर्गन रिट्रिवल बैंकिंग आर्गेनाइजेशन (आर्बो) से मिली जानकारी के अनुसार परिजनों ने हार्ट, लिवर, दोनों किडनी व कार्निया दान करने की मंजूरी दी थी।
राष्ट्रीय अंग और ऊतक प्रत्यारोपण संगठन (नोटो) ने हार्ट आर्मी अस्पताल में, लिवर व एक किडनी एम्स और दूसरी किडनी सफदरजंग अस्पताल को आवंटित की। राकेश कुमार के लिवर में संक्रमण होने के कारण उसका इस्तेमाल नहीं किया गया।