अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। हाईकोर्ट ने एक दंपती के खिलाफ अपने पड़ोसी को कथित तौर पर चोट पहुंचाने और आपराधिक धमकी देने के आरोप में दर्ज प्राथमिकी को रद्द कर दिया है। कोर्ट ने दंपती को नवरात्रि और दिवाली के दौरान गरीब बच्चों के लिए भंडारा लगाने का आदेश दिया है।
न्यायमूर्ति अनीश दयाल ने कहा कि आरोपी और शिकायतकर्ता के बीच समझौता हो गया है। कोर्ट ने माना कि मामले को जारी रखना न्यायालय की प्रक्रिया का दुरुपयोग और राज्य के खजाने पर अनावश्यक बोझ होगा।
आदेश में कहा गया कि याचिकाकर्ता को राधेपुरी के शिव मंदिर में दो अवसरों पर कम से कम 50 गरीब बच्चों के लिए भंडारा करने का वचन देते हैं। कोर्ट ने दंपती को भंडारे की तस्वीरों के साथ एक शपथ पत्र भी दाखिल करने का निर्देश दिया। कोर्ट ने कहा कि इस वचन के पालन के अधीन प्राथमिकी रद्द की जाती है।