सीआईएसएफ के कमांडेंट को एक साल की लड़ाई के बाद बिजली कनेक्शन पाने में कामयाबी मिली। जीडीए और पावर कारपोरेशन की लड़ाई में फंसे कमांडेंट को कनेक्शन पाने के लिए पावर कारपोरेशन की अदालत का सहारा लेना पड़ा।
सीआईएसएफ के कमांडेंट सतेंद्र झा ने डेढ़ साल पहले जीडीए से सेक्टर 23 संजयनगर में मकान संख्या एम-446 लिया था। इसमें बिजली कनेक्शन कनेक्शन के लिए आवेदन करने पर पावर कारपोरेशन ने बताया कि इस मकान में पहले रहने वाले अरुण कुमार पर 37400 रुपये का बिल बकाया है।
जबकि जीडीए का कहना है कि उसने पहले किसी अरुण कुमार को यह मकान नहीं दिया है। दिलचस्प बात यह रही कि इस मकान में कनेक्शन देने और मकान को पहले आवंटित करने की फाइलें जीडीए और कारपोरेशन दोनों जगह से गायब मिलीं। सतेंद्र झा ने इस मामले को आठ मार्च को पावर कारपोरेशन कोर्ट केसामने रखा। कोर्ट ने 11 अप्रैल को कमांडेंट को कनेक्शन देने के आदेश कारपोरेशन अफसरों को दिए थे।