पीठ ने अपने फैसले में कहा कि कंपनियों की तरफ से अपराध के जो तरीके अपनाए गए हैं उससे अंत में बिजली की कीमत बढ़ेगी, जिसका भुगतान उपभोक्ताओं को ही करना पड़ेगा।
दिल्ली हाईकोर्ट ने अदाणी और एस्सार समूह समेत विभिन्न कंपनियों की ओर से अधिक चालान के आरोपों की जांच की जांच में तेजी लाने और उचित कार्रवाई करने के लिए केंद्र सरकार, केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) और राजस्व खुफिया निदेशालय (डीआरआई) को आदेश दिया है। इन कंपनियों के खिलाफ कोयला और उपकरणों के आयात में अधिक चालान के आरोपों की जांच चल रही है।
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विभिन्न याचिकाओं पर सुनवाई करते हुए जस्टिस सुरेश कुमार कैत और जस्टिस नीना बंसल कृष्ण की पीठ ने यह आदेश दिया। पीठ ने कहा कि स्थिति रिपोर्ट के अनुसार, सीईएसटीएटी और अन्य फोरम के समक्ष कई कार्रवाई लंबित है। सीबीआई ने दोषी कंपनियों के खिलाफ दो मामले दर्ज किए थे और पहले मामले में प्रारंभिक जांच पूरी हो चुकी है। वहीं, डीआरआई ने अदालत को बताया है कि ये मामले कई देशों से जुड़े हैं, इसलिए जांच में समय लग रहा है।
पीठ ने अपने फैसले में कहा कि कंपनियों की तरफ से अपराध के जो तरीके अपनाए गए हैं उससे अंत में बिजली की कीमत बढ़ेगी, जिसका भुगतान उपभोक्ताओं को ही करना पड़ेगा।