बयार में नहीं सुधार, बेहद खराब श्रेणी में हवा बरकरार
राजधानी में हवा की सुस्त गति और स्थानीय कारकों के कारण हवा बेहद खराब श्रेणी में बरकरार है। ऐसे में रविवार को वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) 390 दर्ज किया गया। यह हवा की बेहद खराब श्रेणी है। इसमें शनिवार की तुलना में पांच सूचकांक की वृद्धि दर्ज की गई। दूसरी ओर, एनसीआर में ग्रेटर नोएडा की हवा सबसे अधिक प्रदूषित रही। यहां एक्यूआई 434 दर्ज किया गया, यह हवा की गंभीर श्रेणी है। वहीं, गाजियाबाद में 414, नोएडा में 419 और गुरुग्राम में 353 एक्यूआई दर्ज किया गया। वहीं, फरीदाबाद की हवा सबसे साफ रही। यहां सूचकांक 255 दर्ज किया गया।
दिल्ली में वायु गुणवत्ता प्रबंधन के लिए निर्णय सहायता प्रणाली के अनुसार, वाहन से होने वाला प्रदूषण 16.78 फीसदी रहा। इसके अलावा पेरिफेरल उद्योग से 8.40, आवासीय इलाकों से 4.10, निर्माण गतिविधियों से 2.29 और सड़क से उड़ने वाली धूल की 1.19 फीसदी की भागीदारी रही। सीपीसीबी के अनुसार, रविवार को हवा उत्तर दिशा से 5 किलोमीटर प्रतिघंटे के गति से चली। वहीं, अनुमानित अधिकतम मिश्रण गहराई 900 मीटर रही। इसके अलावा, वेंटिलेशन इंडेक्स 3200 मीटर प्रति वर्ग सेकंड रहा। दूसरी ओर, शाम चार बजे हवा में पीएम10 की मात्रा 337.8 और पीएम2.5 की मात्रा 216 माइक्रोग्राम प्रति घन मीटर दर्ज की गई। वहीं, केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी) का पूर्वानुमान है कि बुधवार तक हवा इसी श्रेणी में बरकरार रहेगी। इसके चलते सांस के मरीजों को परेशानी का सामना करना पड़ेगा। साथ ही, लोगों को आंखों में जलन, खांसी, और सिर दर्द जैसी समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है। इसके अलावा, रविवार को दिल्ली के कई इलाकों की हवा बेहद खराब और गंभीर श्रेणी में दर्ज की गई।