जम्मू-कश्मीर में मिले लिथियम भंडार का खनन अब सरकारी कंपनी ही करेगी। खनन मंत्रालय के एक अधिकारिक सूत्र का दावा है कि लीथियम खनन के लिए नीलामी के दो प्रयास विफल हो चुके हैं। ऐसे में मंत्रालय सरकारी कंपनी के जरिये ही यहां खनन शुरू करने पर विचार कर रहा है।
मामले की जानकारी रखने वाले एक अधिकारी ने बताया कि पिछले साल ज्म्मू-कश्मीर में पाए गए 50.90 लाख टन लिथियम भंडार के लिए दो बार नीलामी के प्रयास किए गए। फरवरी 2023 में जम्मू और कश्मीर में देश का पहला लिथियम भंडार खोजा गया। पिछले वर्ष नवंबर में इसकी पहली बार नीलामी की गई, लेकिन न्यूनतम तीन निविदाएं नहीं मिलने पर नीलामी रद्द कर दी गई।
इसके बाद मार्च में फिर से नीलामी आदेश जारी किया गया, जिसके लिए 14 मई की अंतिम तिथि तय की गई। लेकिन दूसरी बार किसी ने नीलामी में भाग नहीं लिया। इसके बाद अब यह काम किसी सरकारी कंपनी को दिए जाने पर विचार किया जा रहा है। खान मंत्रालय ने इस संबंध में जानकारी मांगे जाने पर किसी तरह की टिप्पणी से इनकार कर दिया है।
सरकार इलेक्ट्रिक वाहनों ने बैटरी बनाने में इस्तेमाल होने वाले लिथियम की किफायती दर पर जरूरत पूरी करने पर जोर दे रही है। इसलिए भारत ने विदेशों के साथ-साथ घरेलू स्तर पर भी लिथियम उत्पादन के प्रयास शुरू किए हैं। लेकिन, विश्लेषकों ने जम्मू और कश्मीर में जमा लिथियम की संरचना पर सवाल उठाए हैं।