लीड बैंक अधिकारियों के अनुसार जल्द ही स्थिति सामान्य होने डिजिटल लेनदने की तादाद फिर बढ़ जाएगी। आमतौर पर गौतमबुद्ध नगर में कुल ट्रांजेक्शन का करीब 60 प्रतिशत हिस्सा ऑनलाइन किया जाता है। यह आंकड़ा धीरे-धीरे बढ़ता जा रहा है। लेकिन गुलाबी नोटों की विदाई ने इस ग्राफ को नीचे ला दिया। लीड बैंक मैनेजर विदुर भल्ला बताते हैं कि नोटबंदी के बाद से लगातार ऑनलाइन ट्रांजेक्शन का ग्राफ बढ़ता रहा है। सबसे अधिक बढ़ोतरी कोरोना काल के बाद से ही हुई है। 2020 से 2023 में अब तक 23 प्रतिशत तक की बढ़ोतरी ऑनलाइन ट्रांजेक्शन में हुई है।
कई मोबाइल एप्लीकेशंस के जरिए ट्रांजैक्शन किया जा रहा है। 2017 के बाद से अब तक जिले में पहली बार डिजिटल लेनदेन का ग्राफ गिरा है। अहम है कि 2000 के नोट बदलने के लिए आरबीआई ने चार माह का समय दिया गया है। ऐसे में लोग बैंकों की लाइनों में लगने से बच रहे हैं। उनके पास जो नोट हैं वह उसे रोजाना के खर्चों में इस्तेमाल कर रहे हैं। इसके अलावा व्यापारी वर्ग भी ज्यादा ट्रांजेक्शन नकद में ही कर रहे हैं। यही कारण है जिसकी वजह से ऑनलाइन ट्रांजेक्शन प्रभावित हो रही है।
पेट्रोल पंप पर खपा रहे दो हजार के नोट
पेट्रोल पंप पर भी दो हजार के नोट खपाने वालों की तादाद तेजी से बढ़ रही है। इसके चलते पंप संचालकों ने दो हजार के नोट देने वालों के लिए कई तरह के नियम बना लिए हैं। कई जगहों पर दो हजार के नोट देने वालों को कम से कम 500 या उससे अधिक रुपये का पेट्रोल डलवाना अनिवार्य कर दिया गया है। संचालकों का कहना है कि लोग दो हजार का नोट देकर 100 या 200 रुपये का पेट्रोल डलवा रहे हैं। इससे काफी परेशानी हो रही है। वहीं कई पंप पर अब दो हजार के नोट नहीं लिए जा रहे हैं।
सात दिन में 70 करोड़ रुपये जमा हुए
23 मई से अब तक जिले में 70 करोड़ रुपये के गुलाबी नोट जमा हुए हैं। जिला लीड बैंक मैनेजर ने बताया कि सोमवार को 13 करोड़ की नकदी बैंक पहुंची है। जिसमें से 9 करोड़ रुपये बैंकों में जमा हुए हैं। चार करोड़ रुपये बदले गए है। अहम है कि जिले में मौजूद 35 बैंकों की 570 शाखाओं में नोट बदले जा रहे हैं।