स्वास्थ्य विभाग ने नोएडा में शिशु व मातृ मृत्यु दर में कमी लाने के लिए नई योजना बनाई है। इस पहल में महिला के गर्भवती होने से लेकर बच्चे के जन्म और उसके बाद तक नजर रखी जाएगी।
जिससे बच्चे को समय पर टीकाकरण और पोषक तत्व मुहैया कराया जा सके। इससे बच्चों को कुपोषण से बचाएगा जा सकता है।
राष्ट्रीय ग्रामीण स्वास्थ्य मिशन में मदर एंड चाइल्ड ट्रैकिंग सिस्टम (एमसीटीएस) के तहत महिलाओं की जानकारी जुटाकर ऑनलाइन पोर्टल पर अपडेट किया जाएगा।
हालांकि, यह योजना पिछले कई साल से शुरू है। पिछले कुछ समय से इसे लागू करने में जिले में दिक्कत आ रही थी।
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वर्तमान समय में जिले में प्रति दस हजार जीवित जन्मे बच्चों में 350 की मौत हो जाती है। वहीं, जिले में प्रति दस हजार पर मातृ मृत्यु दर 255 है।
इसे देखते हुए मिशन से जुड़े स्वास्थ्य अधिकारी और कर्मचारियों को अब नए सिरे से प्रशिक्षण दिया जा रहा है। अगले दो दिनों तक प्रशिक्षण के बाद जिले में गर्भवती होने वाली महिलाओं के बारे में जानकारी मिलते ही इसे अपडेट किया जाएगा।
इस बारे में एसीएमओ डॉ. अरुण कुमार ने बताया कि एएनएम और आशा कार्यकर्ता क्षेत्र में गर्भवती महिलाओं की जानकारी जुटाकर उनसे लगातार संपर्क करते हैं।
इसकी सूचना तत्काल भारत सरकार की तरफ से तैयार एमसीटीएस के ऑनलाइन पोर्टल पर दी जाती है। जिससे उच्च स्तर पर मां और बच्चे के स्वास्थ्य को लेकर भी नजर रखी जा सके।