सिसोदिया ने कहा कि हमें दुनिया के इतिहास को शिक्षा के नजरिए से पढ़ने की जरूरत है, तभी हम अच्छा कर पाएंगे। उन्होंने कहा कि अभी तक डीटीयू में पांच-छह हॉस्टलों के नाम सामान्य होते थे। आज डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम हॉस्टल और वीरांगना लक्ष्मीबाई हॉस्टल के दो नाम इनमें और जुड़ गए हैं।
दिल्ली प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय (डीटीयू) में एक हजार अतिरिक्त बच्चों को छात्रावास की सुविधा मिलेगी। उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने बुधवार को दिल्ली प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय (डीटीयू) में नए बने दो नए हॉस्टलों का उद्घाटन किया। इस अवसर पर उनके साथ विशिष्ट अतिथि के रूप में दिल्ली विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. योगेश सिंह उपस्थित रहे तथा समारोह की अध्यक्षता डीटीयू कुलपति प्रो. जय प्रकाश सैनी ने की।
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इस अवसर पर सिसोदिया ने कहा कि हमें दुनिया के इतिहास को शिक्षा के नजरिए से पढ़ने की जरूरत है, तभी हम अच्छा कर पाएंगे। उन्होंने कहा कि अभी तक डीटीयू में पांच-छह हॉस्टलों के नाम सामान्य होते थे। आज डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम हॉस्टल और वीरांगना लक्ष्मीबाई हॉस्टल के दो नाम इनमें और जुड़ गए हैं। इनके शुरू होने से अब डीटीयू में करीब 2600 बच्चों के रहने का इंतजाम हो गया है, जोकि पहले करीब 1600 था। उन्होने कहा कि 2019 में जब तत्कालीन कुलपति प्रो. योगेश सिंह के नेतृत्व में यह संस्थान चल रहा था तब इन इमारतों की नींव रखी गई थी। लेकिन, कोविड के कारण एक साल में होने वाला काम तीन साल में पूरा हुआ। एनआईआरएफ रैंकिंग में डीटीयू के 35वें रैंक परे आने की बधाई देते हुए उन्होने कहा कि यदि रैंकिंग निष्पक्ष तरीके से हो, तो डीटीयू को इस रैंकिंग में आठवें या 10वें नंबर पर होना चाहिए था।
उपमुख्यमंत्री ने डीटीयू के आईआईएफ की सराहना करते हुए कहा कि अंडर ग्राउंड पाइपलाइन में लीकेज का पता लगाने वाला डीटीयू का एक स्टार्टअप दिल्ली के काफी पुराने हो चुके पीने के पानी और सीवर सिस्टम को सुधारने में सरकार के साथ काम कर रहा है।
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वहीं, दिल्ली विश्वविद्यालय के कुलपति व डीटीयू के पूर्व कुलपति प्रो. योगेश सिंह ने कहा कि इसके अलावा चल रहे निर्माण कार्यों की उम्मीद है कि वे भी सितंबर तक पूरे हो जाएंगे। उन्होंने कहा कि लगभग 400 करोड़ रुपये की परियोजनाएं डीटीयू में शुरू हुई थीं, जिनमें से लगभग 300 करोड़ रुपये के निर्माण कार्य पूरे हो चुके हैं। वहीं, डीटीयू कुलपति प्रो. जय प्रकाश सैनी ने कहा कि आजादी के अमृत महोत्सव के चलते इन छात्रावासों का नामकरण राष्ट्र नायकों के नाम पर किया गया है। लड़कियों के हॉस्टल का नाम वीरांगना लक्ष्मीबाई हॉस्टल और लड़कों के हॉस्टल का नाम डॉ. ए. पी. जे. अब्दुल कलाम हॉस्टल रखा गया है। उन्होने छात्रावासों के बारे में जानकारी देते हुए कहा कि ये पूरी तरह से वातानुकूलित हैं।
नवनिर्मित हॉस्टल में मौजूद सुविधाएं
-12 मंजिला इमारत में एक हजार बच्चों के रहने की सुविधा
-सुसज्जित कमरें
-टीवी रूम
-इंडोर गेम एरिया
-रीडिंग व इंटरनेट रूम
-डाइनिंग रूम
-एक्टिविटी रूम
-गेस्ट रूम