जनपद पुलिस एक बार फिर एसटीएफ और अन्य थाने की पुलिस से मात खा गई। एसटीएफ ने इस बार जनपद के एक लाख रुपये के इनामी बदमाश मेहरबान को ढेर कर बुलंदशहर पुलिस को आइना दिखाया है। पूर्व में भी एसटीएफ जनपद के कुख्यात अपराधी तीन लाख रुपये के इनामी बदमाश बलराज भाटी को मौत के घाट उतार चुकी है। तब भी जिला पुलिस की किरकिरी हुई थी।
बुधवार देर रात गाजियाबाद के साहिबाबाद क्षेत्र में एसटीएफ और पुलिस की तीन बदमाशों के साथ मुठभेड़ हो गई। उसमें दो पुलिसकर्मी घायल हुए थे जबकि एक बदमाश पुलिस की गोली लगने के बाद ढेर हो गया था। उसकी शिनाख्त एसटीएफ ने मेहरबान पुत्र कल्लू कसाई निवासी मोहल्ला रुकनसराय, बुलंदशहर के रुप में की थी।
हिस्ट्रीशीटर मेहरबान की नगर कोतवाली में हिस्ट्रीशीट खुली हुई है। उसने, वर्ष 2001 में ही जरायम की दुनिया में कदम रखा था और उस दौरान उसने यासीन (चावल वाले) की हत्या कर दी थी। उसके बाद वह एक के बाद एक जरायम के दलदल में कदम रखता चला गया। अकेले नगर कोतवाली में ही उस पर करीब 16 मुकदमें विभिन्न लूट, हत्या, हत्या की कोशिश, चोरी आदि के दर्ज थे।
जनपद पुलिस ने आरोपी की गिरफ्तारी पर एक लाख रुपये के इनाम की घोषणा की हुई थी। जिला पुलिस को उसकी बेसब्री से तलाश थी। लेकिन, वह पुलिस के हाथ नहीं लग रहा था। एक बार फिर बुलंदशहर पुलिस को एसटीएफ और गाजियाबाद पुलिस ने मात दे दी। बता दें कि करीब एक वर्ष पूर्व भी एसटीएफ और नोएडा पुलिस ने मिलकर बुलंदशहर के कुख्यात अपराधी तीन लाख के इनामी बदमाश बलराज भाटी को मौत की नींद सुलाया था।
आजीवन कारावास में था फरार
बता दें कि यासीन मर्डर केस में मेहरबान और उसके साथियों को आजीवन कारावास सेशन कोर्ट से हुआ था। जिसके बाद बीते दिनों हाईकोर्ट ने भी आरोपियों की सजा को बरकरार रखा था। लेकिन, आरोपी पुलिस के हत्थे नहीं चढ़ रहा था। पुलिस लगातार उसकी तलाश में खाक छान रही थी और कोर्ट से भी वारंट जारी हो चुके थे।
नोएडा एसटीएफ और साहिबाबाद पुलिस के संयुक्त आपरेशन में मारा गया मेहरबान बुलंदशहर में हत्या के मामले में जेल में बंद था। उसे आजीवन कारावास की सजा हुई थी। जमानत पर मेहरबान बाहर आया था। रुपये की जरूरत के कारण अपने कुछ साथियों के साथ मिलकर नोएडा के जारचा में 65 लाख की लूट की थी। इसी दौरान आईजी मेरठ जोन ने उस पर एक लाख रुपये का इनाम घोषित किया था।
पुलिस सूत्रों का कहना है कि बुलंदशहर में हुई हत्या में मेहरबान को आजीवन कारावास की सजा सुनाई गई थी। कुछ दिन बाद वह जमानत लेकर जेल से बाहर आया हुआ था। अगली कोर्ट में अपील के लिए उसे रुपये की जरुरत थी।
पुलिस सूत्रों का कहना है कि इसी के चलते उसने अपने साथियों के साथ मिलकर 65 लाख रुपये की लूट नोएडा की जारचा में 27 मई को की थी। इसमें तीन से चार आरोपियों को पुलिस ने गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था, लेकिन वह वांछित था। पुलिस सूत्रों का कहना है कि कुख्यात अपराधी होने के कारण आई जोन मेरठ ने मेहरबान पर 1 लाख रुपये का इनाम रखा था।
दो दिन में साहिबाबाद में तीन एनकाउंटर
साहिबाबाद थाना क्षेत्र में दो दिन में तीन बड़े एनकाउंटर को पुलिस ने अंजाम दिया। जिनमें 25-25 हजार रुपये के इनामी बदमाशों को मुठभेड़ में गिरफ्तार किया। कार में लिफ्ट देकर लूटने वाले आरोपियों को गिरफ्तार किया था। वहीं बुधवार देर रात को पुलिस ने फुल एनकाउंटर कर दिया।