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गाजियाबाद: पुलिस मुठभेड़ में एक लाख का इनामी ढेर, एसटीएफ के दो सिपाही घायल

Fri, 19 Jul 2019 05:28 AM IST
Abhishek Singh न्यूज डेस्क, अमर उजाला ब्यूरो, साहिबाबाद
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मुठभेड़ में बदमाश ढेर, सिपाही घायल - फोटो : Amar ujala
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भोपुरा स्थित कोयल एंक्लेव में बुधवार देर रात साहिबाबाद पुलिस और नोएडा एसटीएफ की संयुक्त टीम की कार सवार बदमाशों से मुठभेड़ हो गई। इसमें एक लाख का इनामी बदमाश मेहरबान ढेर हो गया जबकि उसके दो साथी अंधेरे का फायदा उठाकर भागने में कामयाब रहे। मुठभेड़ में बदमाशों की गोली लगने से एसटीएफ के दो सिपाही भी घायल हुए हैं जिन्हें निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया है।

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पुलिस ने बदमाश के पास से एक बंदूक, एक तमंचा, एक रिवाल्वर, कारतूस और सेंट्रो कार बरामद की है। बदमाश नोएडा के जारचा में 65 लाख की लूट में वांछित था। बदमाश पर लूट हत्या और डकैती के करीब 30 से अधिक मुकदमे दर्ज हैं। 

एसएसपी सुधीर कुमार सिंह ने बताया कि बुधवार रात करीब साढे़ बारह बजे एसएचओ साहिबाबाद जितेंद्र सिंह पुलिस टीम के साथ भोपुरा में चेकिंग कर रहे थे। इस दौरान एसटीएफ नोएडा की टीम ने नोएडा के जारचा में 27 मई को हुई 65 लाख रुपये की लूट में वांछित बदमाश बुलंदशहर निवासी मेहरबान के क्षेत्र में होने की जानकारी दी। फील्ड यूनिट एसटीएफ नोएडा के दरोगा राकेश सिंह टीम के साथ भोपुरा पहुंचे। साहिबाबाद पुलिस और एसटीएफ को सेंट्रो कार में बदमाश मेहरबान साथियों के साथ आता दिखा।
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पुलिस को देखकर उसने टीम पर फायरिंग कर दी। पुलिस ने घेराबंदी की तो वह कोयल एंक्लेव में निर्माणाधीन सोसायटियों की ओर भागा। इस दौरान पुलिस की टीम ने घेर लिया। खुद को घिरता देखकर बदमाशों ने ताबड़तोड़ फायरिंग की। इसमें नोएडा एसटीएफ के हेड कांस्टेबल अनिल कुमार और कांस्टेबल हरिओम को गोली लग गई।

जवाबी फायरिंग में पुलिस ने फायरिंग की तो मेहरबान को कई गोलियां लगी और वह लहूलुहान होकर गिर गया। उसको पैर, छाती और गर्दन पर गोली लगी। शरीर पर सात घाव के निशान हैं। मेहरबान के दो साथी अंधेरे का फायदा उठाकर फायरिंग करते हुए फरार हो गए। पुलिस दोनों सिपाही और बदमाश मेहरबान को मोहननगर स्थित नरेंद्र मोहन अस्पताल लेकर पहुंची। जहां डाक्टरों ने मेहरबान को मृत घोषित कर दिया। 

लूट, हत्या और डकैती के करीब 30 मुकदमे दर्ज थे

सीओ साहिबाबाद डॉ. राकेश मिश्रा ने बताया कि मेहरबान बहुत ही कुख्यात बदमाश था। दिन पर दिन उसका नेटवर्क बढ़ता ही जा रहा था। 27 मई को नोएडा के जारचा में हुई 65 लाख की लूट के बाद आई जोन मेरठ ने आरोपी पर एक लाख रुपये का इनाम घोषित किया था। सीओ ने बताया कि मेहरबान पर अलीगढ़, बुलंदशहर, नई दिल्ली, गौतमबुद्धनगर में लूट, हत्या और डकैती के करीब 30 मुकदमे दर्ज थे। पुलिस उसके फरार साथियों की तलाश कर रही है। 

परिजनों का आरोप, गाजीपुर सब्जी मंडी से उठाकर किया एनकाउंटर

मेहरबान के एनकाउंटर के बाद बृहस्पतिवार सुबह करीब छह बजे परिजन भारी संख्या में अस्पताल पहुंचे। मेहरबान के साले हाजी उस्मान का कहना था कि मेहरबान का आम के बाग और मीट के एक्सपोर्ट का काम था। इसके लिए वह बृहस्पतिवार गाजीपुर सब्जी मंडी में काम से आया था। पुलिस ने गाजीपुर सब्जी मंडी से उसे उठाकर कोयल एंक्लेव में एनकाउंटर किया है।

बुलंदशहर पुलिस ढूंढती रही, एसटीएफ ने कर दिया ‘ढेर’

जनपद पुलिस एक बार फिर एसटीएफ और अन्य थाने की पुलिस से मात खा गई। एसटीएफ ने इस बार जनपद के एक लाख रुपये के इनामी बदमाश मेहरबान को ढेर कर बुलंदशहर पुलिस को आइना दिखाया है। पूर्व में भी एसटीएफ जनपद के कुख्यात अपराधी तीन लाख रुपये के इनामी बदमाश बलराज भाटी को मौत के घाट उतार चुकी है। तब भी जिला पुलिस की किरकिरी हुई थी। 

बुधवार देर रात गाजियाबाद के साहिबाबाद क्षेत्र में एसटीएफ और पुलिस की तीन बदमाशों के साथ मुठभेड़ हो गई। उसमें दो पुलिसकर्मी घायल हुए थे जबकि एक बदमाश पुलिस की गोली लगने के बाद ढेर हो गया था। उसकी शिनाख्त एसटीएफ ने मेहरबान पुत्र कल्लू कसाई निवासी मोहल्ला रुकनसराय, बुलंदशहर के रुप में की थी।

हिस्ट्रीशीटर मेहरबान की नगर कोतवाली में हिस्ट्रीशीट खुली हुई है। उसने, वर्ष 2001 में ही जरायम की दुनिया में कदम रखा था और उस दौरान उसने यासीन (चावल वाले) की हत्या कर दी थी। उसके बाद वह एक के बाद एक जरायम के  दलदल में कदम रखता चला गया। अकेले नगर कोतवाली में ही उस पर करीब 16 मुकदमें विभिन्न लूट, हत्या, हत्या की कोशिश, चोरी आदि के दर्ज थे।

जनपद पुलिस ने आरोपी की गिरफ्तारी पर एक लाख रुपये के इनाम की घोषणा की हुई थी। जिला पुलिस को उसकी बेसब्री से तलाश थी। लेकिन, वह पुलिस के हाथ नहीं लग रहा था। एक बार फिर बुलंदशहर पुलिस को एसटीएफ और गाजियाबाद पुलिस ने मात दे दी। बता दें कि करीब एक वर्ष पूर्व भी एसटीएफ और नोएडा पुलिस ने मिलकर बुलंदशहर के कुख्यात अपराधी तीन लाख के इनामी बदमाश बलराज भाटी को मौत की नींद सुलाया था। 

आजीवन कारावास में था फरार

बता दें कि यासीन मर्डर केस में मेहरबान और उसके साथियों को आजीवन कारावास सेशन कोर्ट से हुआ था। जिसके बाद बीते दिनों हाईकोर्ट ने भी आरोपियों की सजा को बरकरार रखा था। लेकिन, आरोपी पुलिस के हत्थे नहीं चढ़ रहा था। पुलिस लगातार उसकी तलाश में खाक छान रही थी और कोर्ट से भी वारंट जारी हो चुके थे। 
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हत्या के बाद जमानत पर बाहर आकर की थी 65 लाख की लूट 

नोएडा एसटीएफ और साहिबाबाद पुलिस के संयुक्त आपरेशन में मारा गया मेहरबान बुलंदशहर में हत्या के मामले में जेल में बंद था। उसे आजीवन कारावास की सजा हुई थी। जमानत पर मेहरबान बाहर आया था। रुपये की जरूरत के कारण अपने कुछ साथियों के साथ मिलकर नोएडा के जारचा में 65 लाख की लूट की थी। इसी दौरान आईजी मेरठ जोन ने उस पर एक लाख रुपये का इनाम घोषित किया था। 

पुलिस सूत्रों का कहना है कि बुलंदशहर में हुई हत्या में मेहरबान को आजीवन कारावास की सजा सुनाई गई थी। कुछ दिन बाद वह जमानत लेकर जेल से बाहर आया हुआ था। अगली कोर्ट में अपील के लिए उसे रुपये की जरुरत थी।

पुलिस सूत्रों का कहना है कि इसी के चलते उसने अपने साथियों के साथ मिलकर 65 लाख रुपये की लूट नोएडा की जारचा में 27 मई को की थी। इसमें तीन से चार आरोपियों को पुलिस ने गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था, लेकिन वह वांछित था। पुलिस सूत्रों का कहना है कि कुख्यात अपराधी होने के कारण आई जोन मेरठ ने मेहरबान पर 1 लाख रुपये का इनाम रखा था।  

दो दिन में साहिबाबाद में तीन एनकाउंटर

साहिबाबाद थाना क्षेत्र में दो दिन में तीन बड़े एनकाउंटर को पुलिस ने अंजाम दिया। जिनमें 25-25 हजार रुपये के इनामी बदमाशों को मुठभेड़ में गिरफ्तार किया। कार में लिफ्ट देकर लूटने वाले आरोपियों को गिरफ्तार किया था। वहीं बुधवार देर रात को पुलिस ने फुल एनकाउंटर कर दिया।
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