बांग्लादेश, पाकिस्तान, ईरान आदि मुस्लिम राष्ट्र जब अपने मुल्कों में शत-प्रतिशत शौचालय बनवा सकते हैं, तो जैताका गांव में ऐसा क्यों नहीं है। हम गांव के सभी 208 घरों में एक माह के अंदर शौचालय बनवाकर रहेंगे। यदि इस अवधि में किसी परिवार ने शौचालय नहीं बनवाया तो उस पर एक लाख रुपये का जुर्माना लगाया जाएगा।
जो परिवार शौचालय बनवाएंगे, उन्हें ग्राम पंचायत की तरफ से 15 हजार रुपये का इनाम मिलेगा। रविवार को मेवात के जैताका गांव में ग्रामसभा की बैठक में उलेमाओं ने सहमति से यह फैसला लिया। निगरानी के लिए 27 सदस्य कमेटी बनाई गई है। यह गांव में बनने वाले शौचालयों की रिपोर्ट देगी।
मौलाना हाफिज आबिद ने कहा कि जैताका में 208 घर हैं। 191 घरों में शौचालय बन चुके हैं। अब चुनौती 17 घरों में शौचालय बनवाने की है, जबकि ये परिवार सपन्न हैं। गांव में शौचालय बनवाने के लिए मस्जिद के इमामों को जिम्मेदारी सौंपी गई है।
सरपंच नजमा बेगम ने कहा कि घरों में शौचालय न होने की कीमत महिलाओं को चुकानी पड़ती है। नजमा की मौजूदगी में हुई बैठक में सभी मस्जिदों के इमाम भी मौजूद रहे। पंचायत में गांव के बुर्जुगों व महिलाओं का पूरा सहयोग रहा। कमेटी में युवाओं, बुर्जुगों, महिलाओं व उलेमाओं को तवज्जों दी गई है।
जुर्माना कानूनी
एडवोकेट अली मोहम्मद ने बताया कि हरियाणा पंचायती राज कानून 1994 में ग्राम पंचायत को जुर्माना लगाने का अधिकार है। ये पंचायत के ऊपर निर्भर है कि किस हालात में कितना जुर्माना लगाया जाए। बिरादरी को बड़े और कडे़ फैसले लेने का अधिकार है।
कमेटी के सदस्य
पूर्व सरपंच उम्रदराज, महिला सरपंच नजमा, मौलाना इमरान, मौलाना आबिद, महिला पंच शहनाज व संजीदा, हाजी रूजदार, सरपंच पति शाहिद हुसैन, सोहराब, अतर, ईमरत, अब्दुल मजीद, दीन मोहम्मद, हकमुदीन, समसूदीन, शेर मोहम्मद, शरीफ, सौदान, लियाकत, पंच नईम खां, जफरूदीन, तैय्यब, आमिर, अली मोहम्मद, साहब खां आदि।