भीम आर्मी कार्यकर्ताओं की रैली
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तुगलकाबाद वन क्षेत्र में संत रविदास के मंदिर को डीडीए के द्वारा तोड़ दिए जाने के विवाद में मामला और गहरा गया है। अनुसूचित समाज के संगठनों ने निर्णय लिया है कि अगर सरकार मंदिर निर्माण पर कोई फैसला नहीं लेती तो वे 10 सितंबर से तुगलकाबाद क्षेत्र में पहुंचेंगे और मंदिर के स्थल पर माथा टेकेंगे। इसके अलावा 14 सितंबर से तुगलकाबाद चलो अभियान चलाया जाएगा।
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केंद्र सरकार को इस मुद्दे पर विचार करने के लिए बाध्य करने के लिए समाज के लोग एक अभियान चलाएंगे और मंदिर बनाने के समर्थन में एक करोड़ हस्ताक्षर सरकार को सौंपेंगे। इन फैसलों के साथ ही आज गुरुवार को मंदिर निर्माण के लिए जंतर-मंतर पर चल रहा सांकेतिक धरना स्थगित कर दिया गया।
रविदास मंदिर निर्माण के लिए आंदोलन चला रहे दलित चिंतक अशोक भारती ने कहा कि केंद्र सरकार इस समय अनुसूचित समाज के हितों की उपेक्षा कर रही है। चुनाव के समय वह स्वयं को अनुसूचित समाज का हित चिंतक बताती है लेकिन चुनाव के बाद उसे इनकी याद नहीं आती। वह पूरे समाज की उपेक्षा कर रही है। वे सरकार से मांग करते हैं कि वह दलित समाज की भावनाओं और चिंताओं को समझते हुए संत रविदास मंदिर का तुरंत निर्माण करे।