सूर्य उपासना के महापर्व छठ का समापन आज उगते सूर्य को ‘उषा अर्घ्य’ अर्पित करने के साथ हुआ। मंगलवार सुबह लाखों श्रद्धालुओं ने उगते सूर्य को अर्घ्य देकर चार दिवसीय व्रत का समापन किया। तड़के से ही श्रद्धालु देशभर के घाटों पर जुटने लगे। दिल्ली, नोएडा, वाराणसी, गोरखपुर और चंडीगढ़ समेत देशभर के घाटों पर भक्ति और आस्था का माहौल देखने को मिला।
देशभर में आज छठ महापर्व का समापन श्रद्धा और आस्था के माहौल में हुआ। मंगलवार तड़के से ही घाटों पर श्रद्धालु परिवार सहित पहुंचने लगे। महिलाओं ने पारंपरिक वेशभूषा में सजे सूप और टोकरी में ठेकुआ, फल, नारियल, गन्ना, और अन्य प्रसाद सजाकर सूर्य देव को अर्घ्य दिया।
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चार दिनों तक चलने वाले इस पर्व के अंतिम दिन मंगलवार सुबह श्रद्धालु उगते सूर्य को ‘उषा अर्घ्य’ देने की तैयारी में घाटों पर एकत्र हुए। दिल्ली, नोएडा, गाजियाबाद, वाराणसी, प्रयागराज, गोरखपुर और चंडीगढ़ समेत देशभर के अलग-अलग जगहों के घाटों पर भोर से ही भीड़ उमड़नी शुरू हो गई थी। दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने भी आस्था और श्रद्धा के साथ आईटीओ स्थित हाथी घाट पर छठ पूजा की रस्में निभाईं। उन्होंने सूर्य देव से प्रदेश की खुशहाली और जनता के कल्याण की कामना की।
राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में यमुना घाटों पर श्रद्धालु परिवार सहित पहुंचे। नोएडा में भी महिलाएं पारंपरिक वेशभूषा में टोकरी में प्रसाद सजाकर सूर्यदेव को अर्घ्य दे परिवार की खुशहाली की कामना करती नजर आईं। नोएडा सेक्टर-21 स्थित क्रिकेट स्टेडियम में छठ महापर्व के अंतिम दिन श्रद्धालुओं ने उगते सूर्य को ‘उषा अर्घ्य’ अर्पित किया। सुबह की पहली किरण के साथ महिलाओं ने पारंपरिक गीत गाते हुए सूर्य देव से परिवार की सुख-समृद्धि की कामना की।
अयोध्या के सरयू घाट पर छठ पूजा के अंतिम दिन श्रद्धालुओं ने उगते सूर्य को ‘उषा अर्घ्य’ अर्पित किया। घाट पर सुबह से ही व्रती महिलाओं की भीड़ उमड़ी, जिन्होंने पारंपरिक वेशभूषा में सूर्य देव से परिवार की खुशहाली की प्रार्थना की।
उत्तर प्रदेश के वाराणसी में घाटों पर हजारों श्रद्धालु एकत्र हुए। ढोल-नगाड़ों और लोकगीतों की गूंज के बीच श्रद्धालुओं ने उगते सूर्य को अर्घ्य दिया। गोरखपुर में गुरु गोरखनाथ घाट पर भी व्रतियों की भीड़ देखने को मिली है।
चंडीगढ़ में न्यू लेक, सेक्टर-42 पर श्रद्धालु तड़के से ही पहुंचने लगे। प्रशासन ने सुरक्षा, प्रकाश व्यवस्था और साफ-सफाई के विशेष इंतजाम किए ताकि श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की असुविधा न हो।