आम आदमी पार्टी की सरकार कैलिफोर्निया मॉडल के आधार पर दिल्ली में पेयजल की आपूर्ति करेगी। नए मॉडल में सप्लाई होने वाले पेयजल की गुणवत्ता बोतल बंद पानी से भी बेहतर होगी। हालांकि ,इसके लिए लोगों को ज्यादा शुल्क देना पड़ सकता है। सरकार बनने के बाद इस पर काम शुरू होगा। पायलट प्रोजेक्ट के तौर पर इसकी शुरुआत होगी।
पार्टी पदाधिकारियों के मुताबिक, दिल्ली में छोटे-छोटे हाइब्रिड वाटर ट्रीटमेंट प्लांट लगाए जाएंगे। प्लांट बिजली के अलावा सौर और पवन ऊर्जा से भी चलेंगे। इनकी क्षमता 200-500 परिवारों को पानी देने की होगी। जबकि एक प्लांट की लागत पचास लाख से एक करोड़ के बीच होगी। दावा है कि इससे मिलने वाले पेयजल की गुणवत्ता आरओ व बोतलबंद पानी से भी बेहतर होगी। पायलट प्रोजेक्ट के तहत किसी एक कॉलोनी की पहचान की जाएगी। अगर कोई बड़ी अड़चन न आई तो इस मॉडल का विस्तार किया जाएगा।
प्रोजेक्ट से जुड़े संजय कुमार ने बताया कि इसका दोहरा फायदा होगा। पहला लोगों को आरओ का इस्तेमाल नहीं करना होगा। फिर, इससे पानी की बचत भी होगी। अनुमान है कि अगर पूरी दिल्ली में अगर मॉडल लागू किया गया तो रोजाना 25 एमजीडी पानी की बचत होगी। साथ ही बिजली का बिल भी कम होगा। प्रोजेक्ट तैयार है। सरकार बनने के बाद वैश्विक स्तर पर टेंडर कॉल किया जाएगा।
इस तरह सबको मिलेगा साफ पानी
प्रोजेक्ट से जुड़े विशेषज्ञों का मानना है कि अभी मुमकिन नहीं कि सरकार बनते ही सभी इलाकों में पाइप लाइन से पानी पहुंचाया जा सके। ऐसे में शुरुआती तौर पर भूजल पर निर्भर लोगों को साफ पानी देने की कोशिश होगी। इसके लिए संगम विहार, मटियाला, देवली, तुगलकाबाद, द्वारका समेत करीब बारह विधानसभा क्षेत्रों की पहचान की गई।
अलग-अलग विधानसभाओं की अलग समस्याएं हैं। किसी विधान सभा के भूजल में नाइट्रेट ज्यादा है, तो किसी का पानी फ्लोराइड, क्लोराइड जैसे रसायनों से दूषित है। इन इलाकों में संबधित रसायन के ट्रीटमेंट के लिए प्लांट लगाए जाएंगे। पहले ट्यूबवेल का पानी मोबाइल ट्रीटमेंट प्लांट तक लाया जाएगा। फिर टैंकर से इसकी सप्लाई घरों तक होगी। विशेषज्ञों का मानना है कि इससे टैंकर माफिया पर लगाम लगेगी। सरकार बनने के एक महीने के भीतर इस पर काम शुरू हो जाएगा।
दिल्ली को आत्मनिर्भर बनाने की होगी कोशिश
आप की सरकार दिल्ली का पानी के मामले में आत्मनिर्भर बनाने की कोशिश करेगी। कई स्तरों पर इसका प्रोजेक्ट भी तैयार है। मामूली खर्च पर वजीराबाद बैराज की अपस्ट्रीम पर तीन और ओखला बैराज के डाउन स्ट्रीम पर दो बड़ी झीलों को यमुना के बाढ़ के पानी से रिचार्ज किया जाएगा। किल्लत वाले महीनों में यहां से पानी मिलेगा। पांच झीलों से दिल्ली को सौ एमजीडी पानी मिलेगा। दूसरी तरफ रेन वॉटर हार्वेस्टिंग की क्षमता बढ़ाई जाएगी। इससे 60 एमजीडी पानी मिलेगा।