दिल्ली में आए दिन कोरोना के नए वैरिएंट ओमिक्रॉन के मामले बढ़ते ही जा रहे हैं। शनिवार(25 दिसंबर) को जारी हुए आंकड़ों के अनुसार नौ नए संक्रमित सामने आए हैं। इसके साथ ही अब दिल्ली में ओमिक्रॉन संक्रमितों की कुल संख्या 79 हो गई है।
बीते दो दिनों से किसी ओमिक्रॉन मरीज की छुट्टी नहीं हुई है, वहीं अब तक कुल 79 में से 23 लोग ठीक हो चुके हैं। राजधानी में कोरोना की तरह ही ओमिक्रॉन के संक्रमित भी तेजी से बढ़ रहे हैं। बीते दो दिनों में कुल 13 नए केस सामने आ चुके हैं।
बस पैरासिटामॉल और मल्टी विटामिन खाकर ठीक हो रहे ओमिक्रॉन मरीज
कोरोना संक्रमण के ओमिक्रॉन वैरिएंट को लेकर अब तक चिकित्सीय दवाएं उपलब्ध नहीं है। हालांकि इनसे संक्रमित मरीजों के लिए देश में कोविड-19 चिकित्सीय प्रोटोकॉल ही लागू किया गया है लेकिन दिल्ली के लोकनायक अस्पताल में ओमिक्रॉन संक्रमित मरीज पैरासिटामॉल और मल्टी विटामिन खाकर ही ठीक हो जा रहे हैं।
डॉक्टरों का दावा है कि जिन मरीजों में लक्षण नहीं है उन्हें पैरासिटामॉल देने की जरूरत भी नहीं पड़ रही है। केवल शारीरिक थकान, कमजोरी या बुखार महसूस होने पर ही यह दवा दे रहे हैं। अन्यथा सप्ताह भर तक सुबह शाम मल्टी विटामिन देकर यह ठीक हो जा रहे हैं। हालांकि डॉक्टरों का यह भी कहना है कि मल्टी विटामिन की वजह से मरीज के ठीक होने का दावा नहीं किया जा सकता है क्योंकि ओमिक्रॉन संक्रमण काफी हल्का देखने को मिल रहा है और ज्यादातर लोग वैक्सीन की दोनों खुराक ले चुके हैं। इसलिए एक मरीज के ठीक होने में कई विकल्प कार्य कर रहे हैं।
लोकनायक अस्पताल में अभी 34 ओमिक्रॉन संक्रमित मरीज भर्ती हैं। यहां 19 मरीजों को पहले ही छुट्टी दी जा चुकी है। वरिष्ठ डॉक्टर ने कहा कि लगभग 90 फीसदी रोगियों में लक्षण नहीं है। जबकि बाकी 10 फीसदी को गले में खराश, निम्न-श्रेणी का बुखार और शरीर में दर्द जैसे हल्के लक्षण दिखाई दे रहे हैं। इनके उपचार में केवल मल्टी-विटामिन और पैरासिटामोल टैबलेट शामिल हैं।
डॉक्टर ने कहा कि ज्यादातर मरीज वे हैं जिन्होंने विदेशों से आने पर हवाई अड्डे पर कोरोना परीक्षण कराया और उसमें वह संक्रमित पाए गए। तीन लोगों ने बूस्टर शॉट भी लिए हैं। सूत्रों के अनुसार यहां मरीजों में एक अफ्रीकी देश का सांसद भी है जो उत्तर भारतीय राज्य के एक शाही परिवार का सदस्य है। एलएनजेपी अस्पताल के अलावा, सर गंगा राम सिटी अस्पताल, मैक्स अस्पताल साकेत, वसंत कुंज में फोर्टिस अस्पताल और तुगलकाबाद में बत्रा अस्पताल में भी ओमिक्रॉन संक्रमित मरीजों का इलाज चल रहा है।