दिल्ली में सम-विषम योजना के दूसरे चारण में यात्रियों से अधिक किराया वसूलने, अभद्र व्यवहार व मनमानी की शिकायत पर ट्रांसपोर्ट विभाग ने दो दिन में ओला और उबर की ऐप आधारित 50 टैक्सियों को जब्त किया है।
टैक्सियों की जांच के दौरान लाइसेंस, आरसी व प्रदूषण के कागज अधूरे या फिर एक्सपायर कर चुके थे। हालांकि टैक्सी जब्त करने का मुख्य कारण ओवरचार्जिंग रही हैं।
दिल्ली ट्रांसपोर्ट विभाग के अधिकारियों के मुताबिक, यात्रियों की मजबूरी का फायदा उठाते हुए ऐप आधारित टैक्सी कंपनियों ने सम-विषम शुरू होते ही अधिक किराया वसूलना शुरू कर दिया था। जबकि किराया बढ़ाने की कोई नोटिफिकेशन विभाग ने नहीं किया था।
किराया बढ़ाने से लेकर मनमानी व दुर्व्यवहार की यात्रियों ने ट्रांसपोर्ट विभाग के हेल्पलाइन पर शिकायत दी थी। यात्रियों की शिकायत के आधार पर सड़कों पर ओला, उबर व अन्य ऐप आधारित टैक्सियों की जांच शुरू की तो पता चला कि कि मनमाना किराया ही नहीं, परमिट का उल्लंघन, ड्राइविंग लाइसेंस न होना, फिटनेस व आरसी, इंश्योरेंस का खत्म होना, ट्रांसपोर्ट विभाग द्वारा दिए गए बैज के बगैर चलना आदि के चलते दो दिनों में करीब 50 टैक्सी जब्त की गयी हैं, जिसमें से 35 टैक्सी यूपी व हरियाणा में रजिस्टर्ड हैं। इसके अलावा यात्रियों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए जांच अभियान जारी है।