फास्ट फूड बनाने वाली बहुराष्ट्रीय कंपनी मैकडॉनल्ड्स पर मुस्लिम इलाकों में अपने उत्पादों की डिलिवरी न करने का आरोप लगा है। ओखला में रहने वाले एक शख्स ने दिल्ली के अल्पसंख्यक आयोग में इस बारे में शिकायत की है।
अंग्रेजी अखबार डेलीमेल में छपी खबर के मुताबिक शिकायतकर्ता का आरोप है कि न्यू फ्रेंड्स कॉलोनी में बने मैकडॉनल्ड्स का रेस्त्रां धर्म के आधार पर ग्राहकों के साथ सामान के डिलिवरी में भेदभाव कर रहा है।
ओखला के गफ्फार मंजिल में रहने वाले तारिक खान ने 4 जनवरी को दिल्ली अल्पसंख्यक आयोग में इस बारे में लिखित शिकायत दर्ज कराई है। आयोग ने मैकाडॉनल्ड से इस बारे में जवाब मांगा है।
अपनी शिकायत में तारिक ने बताया कि एक रात उन्होंने घरवालों औ कुछ मेहमानों के लिए कुछ खाने के सामान का ऑर्डर किया। जब एक घंटे बाद भी सामान नहीं पहुंचा तो उन्होंने दोबारा फोन लगाया।
कंपनी एग्जीक्यूटिव ने किया डिलिवरी से इनकार
इस बार फोन उठाने वाले ने उनसे कहा कि सामान की डिलिवरी नहीं की जा सकती क्योंकि जिस इलाके में वो रहते हैं उसे कंपनी ने काली सूची में डाल रखा है क्योंकि इस इलाके में ज्यादातर अल्पसंख्यक समुदाय के लोग रहते हैं।
इस जवाब के बाद खान ने अल्पसंख्यक आयोग में अपनी शिकायत दर्ज कराते हुए इस मामले में हस्तक्षेप की मांग की है। अपनी शिकायत में उन्होंने यह भी बताया कि आउटलेट के लोगों का आरोप है कि इस इलाके के लोग ऑर्डर मंगाने के बाद पैसे भी नहीं देते हैं।
आयोग ने उनकी शिकायत को विचारार्थ स्वीकार कर लिया है। दिल्ली अल्पसंख्यक आयोग के चेयरमैन कमर अहमद ने बताया कि हमने कंपनी के हेडक्वार्टर को नोटिस जारी कर डिलिवरी न करने के कारण पूछे हैं।
इस इलाके की 70% आबादी मुस्लिम
बता दें कि गफ्फार मंजिल सहित ओखला इलाके के बटला हाउस, ओखला विहार, वजीर नगर, जाकिर नगर, जाकिर बाग, जामिया नगर, अबुल फजल एंक्लेव और शाहीन बाग में लगभग दो लाख की आबादी रहती है जिसमें 70 फीसदी मुस्लिम हैं।
आयोग को फूड चेन के जवाब का इंतजार है। खुद कंपनी के लोगों ने भी इस बात को स्वीकार किया है कि ओखला के कुछ इलाकों को उन्होंने काली सूची में डाल रखा है जहां वो अपने उत्पाद की डिलिवरी नहीं करते।
हालांकि उनका ये भी कहना है कि केवल ओखला ही नहीं दिल्ली में और भी कई ऐसे इलाके हैं जिन्हें ब्लैक लिस्ट किया गया है।