स्वाति मालीवाल ने कहा कि ऐसे विज्ञापन ब्रांड पर भारी जुर्माना लगाया जाना चाहिए, जिससे कि अन्य कंपनियां भी सस्ते प्रचार के लिए इस तरह की रणनीति अपनाने से परहेज करें। उन्होंने कहा कि मैं हैरान हूं, हमारे टेलीविजन स्क्रीन पर कितने शर्मनाक और बेकार विज्ञापन दिखाए जा रहे हैं। यह कौन सी रचनात्मकता है जो विषाक्त पुरुषत्व का इतना भयावह रूप हमारे सामने लाती है और सामूहिक बलात्कार की संस्कृति को प्रोत्साहित करती है। दिल्ली पुलिस और सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय को बिना समय बर्बाद किए इस मामले में तत्काल कार्रवाई करनी चाहिए।