फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

दिल्ली: निजी स्कूलों में नर्सरी दाखिले की रेस जारी, दस्तावेजों का सत्यापन शुरू, चार फरवरी को जारी होगी सूची

Tue, 28 Dec 2021 08:12 AM IST
प्रशांत कुमार अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली

सार

अधिकतर स्कूल जनवरी के पहले सप्ताह तक सत्यापन का शेड्यूल जारी कर देंगे।  28 जनवरी को दाखिला मानकों में मिले अंकों के आधार पर बच्चों की सूची जारी करनी है।
विज्ञापन
nursery admission - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

दिल्ली के निजी स्कूलों में नर्सरी दाखिले की रेस जारी है। दाखिले के लिए फॉर्म भरने की अंतिम तिथि सात जनवरी है। इससे पहले ही कुछ स्कूलों ने दस्तावेजों के सत्यापन के शेड्यूल को जारी करना शुरू कर दिया है। इससे कुछ अभिभावकों में असमंजस की स्थिति उत्पन्न हो रही है। वहीं, फॉर्म की हॉर्ड कॉपी जमा कराने को लेकर भी अभिभावकों में उलझन है।

विज्ञापन


अभिभावकों को स्कूलों की ओर से इस बात की जानकारी नहीं मिल रही है कि उन्हें फॉर्म की हॉर्ड कॉपी जमा करानी है या नहीं। आवेदन प्रक्रिया समाप्त होने में अभी 11 दिन का समय शेष है। ऐसे में अब स्कूलों में अभिभावकों को दस्तावेजों के सत्यापन के लिए बुलाने का दौर शुरू होगा। जबकि कुछ ने सत्यापन के लिए बुलाना शुरू कर दिया है। अधिकतर स्कूल जनवरी के पहले सप्ताह तक सत्यापन का शेड्यूल जारी कर देंगे। सत्यापन पूरा होते ही दाखिले के लिए चयनित बच्चों की पहली सूची प्रतीक्षा सूची के साथ चार फरवरी को जारी होगी। 

पहली सूची जारी करने से पहले स्कूलों को 28 जनवरी को दाखिला मानकों में मिले अंकों के आधार पर बच्चों की सूची जारी करनी है। एडमिशन नर्सरी डॉट कॉम प्रमुख सुमित वोहरा ने बताया कि दस्तावेजों के सत्यापन के लिए सालवान स्कूल ने अभिभावकों को बुलाना शुरू किया है। दस्तावेजों की सत्यापन प्रक्रिया के दौरान स्कूल दस्तावेजों की जांच करते हैं अभिभावकों को इस बात का ध्यान रखना चाहिए कि माता-पिता का आधार एक ही पते का बना होना चाहिए। अभिभावकों को दस्तावेजों के सत्यापन के समय मूल दस्तावेजों के साथ फोटो कॉपी भी ले जानी चाहिए।
विज्ञापन


स्कूल बच्चे को दाखिला मानकों के आधार पर मिले अंकों के अनुसार ही बच्चे को शॉर्ट लिस्ट करने पर दस्तावेजों की जांच के लिए बुलाते हैं। कुछ स्कूल सत्यापन के लिए बच्चे के घर पहुंचते हैं। ताकि इस बात की जांच की जा सके कि अभिभावक किसी दूसरे पते पर तो नहीं रह रहे।

विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें