दिल्ली में नर्सरी दाखिले की गाइडलाइंस पर निजी स्कूलों को हाईकोर्ट से राहत नहीं मिलने के बाद सुप्रीम कोर्ट जाने से अभिभावकों की टेंशन को बढ़ गई है।
वह इस बात से चिंतित हैं कि कहीं इसका असर नर्सरी दाखिला प्रक्रिया पर तो नहीं पड़ेगा। एडमिशन नर्सरी डॉट कॉम पर लगातार अभिभावक इस बात को लेकर अपनी आशंका जाहिर कर रहे हैं।
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अभिभावकों का कहना है कि अगर स्कूलों को सुप्रीम कोर्ट से स्टे हासिल हो जाता है तो जारी दाखिल प्रक्रिया पर ब्रेक लग सकता है।
वहीं, दिल्ली स्टेट पब्लिक स्कूल मैनेजमेंट एसोसिएशन के अध्यक्ष आरसी जैन ने कहा कि निजी स्कूलों का सुप्रीम कोर्ट जाना पहले से तय था। उन्होंने साफ किया कि दाखिला प्रक्रिया में बदलाव के चांस कम है और स्कूल दाखिला प्रक्रिया को लटकाएंगे भी नहीं। स्कूलों की कोशिश है कि बच्चों व अभिभावकों को परेशानी न उठानी पड़े।
इधर भी टेंशन और कन्फ्यूजन
स्कूलों के मनमाने नियमों से अभिभावकों का हाल-बेहाल है। एक स्कूल पंजीकरण शुल्क के नाम पर अभिभावकों से 25 रुपये का ड्रॉफ्ट मांग रहा है। तो कहीं आधे-आधे घंटे में एक फॉर्म दिया जा रहा है तो कहीं गूगल मैप जांचकर फॉर्म भरने की सलाह दी जा रही है।
एक अभिभावक ने बताया कि पूसा रोड स्थित बाल भारती पब्लिक स्कूल में ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया के लिए 25 रुपये का पंजीकरण शुल्क चेक या डिमांड ड्रॉफ्ट से देने की बात कही जा रही है। अब उन्हें यह समझ नहीं आ रहा कि स्कूल की ओर से यह विकल्प क्यों रखा गया है। वहीं श्रेष्ठ विहार स्थित डीएवी पब्लिक स्कूल में अपने बच्चे के आवेदन करने के लिए जब ऑनलाइन आवेदन करने की सोची तो उन्हों आठ किलोमीटर मापने के लिए गूगल मैप का सहारा लेने के लिए कहा गया।