स्कूलों के प्रतिनिधियों ने अभिभावकों से कहा है कि वह अपनी प्राथमिकता के अनुसार एक बार में 15 से ज्यादा स्कूलों में आवेदन करें। अगर वे एक या दो ही स्कूल में आवेदन करेंगे तो दाखिला होने की संभावना कम हो जाएगी। उन्होंने बताया कि जिन्होंने एक से ज्यादा स्कूलों में आवेदन किया होगा, उनका दाखिला आसानी से किसी न किसी स्कूल में तो हो ही जाएगा। उन्होंने कहा कि वह सभी स्कूलों में अंकों के लिए निर्धारित किए गए पैमानों की जांच जरूर कर लें। स्कूल की तीसरी लिस्ट आने तक का इंतजार अवश्य करें और दाखिला फॉर्म भरने से पहले वह शिक्षा निदेशालय की ओर से जारी परिपत्र को जरूर पढ़ लें।
135 स्कूलों ने जारी नहीं किए मानदंड
नर्सरी दाखिले के लिए 1731 निजी स्कूलों में से 135 स्कूलों ने मानदंड शिक्षा निदेशालय की वेबसाइट पर अपलोड नहीं किए है। एक अधिकारी का कहना है कि इसे लेकर सभी जिलों के डिप्टी एजुकेशन निदेशकों की ओर से सभी स्कूलों को अलर्ट जारी कर दिया है। स्कूलों को निर्देश दे दिया गया है कि वह जल्दी से मानदंड जारी कर दे। ऐसा न करने पर उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी और नर्सरी दाखिला प्रक्रिया रद्द कर दी जाएगी।
उम्र को लेकर संशय में हैं अभिभावक
नर्सरी दाखिले के लिए अभिभावक एक स्कूल से दूसरे स्कूल की दौड़ लगा रहे हैं। बच्चे की उम्र को लेकर उन्हें चिंता सताई जा रही है। ऐसे में विशेषज्ञों का कहना है कि अगर किसी अभिभावक को लगता है कि उसके बच्चे की उम्र एक माह कम या ज्यादा है तो वह स्कूल के प्रधानाचार्य को पत्र लिखकर दाखिले के लिए आवेदन कर सकते हैं।