शहरवासियों के लिए नया साल सौगत नहीं बल्कि नई मुसीबत लेकर आया है। इस रूट पर सामान्य बसों की संख्या घटाई जा रही है।
जिसके बाद अधिकांश यात्रियों को चंडीगढ़ जाने के लिए वॉल्वो के मंहगे सफर को मजबूर होना होगा। चंडीगढ़ रूट पर अब आम आदमी खास मौके पर सफर करें तो ही बेहतर होगा।
मंगलवार को प्रदेश के परिवहन मंत्री आफताब अहमद ने गुड़गांव डिपो से नूह डिपो में 10 बसें भेजने के निर्देश दिए थे। बुधवार को बसों की खेप नूह डिपो पहुंचा दी गई है।
इस कारण बृहस्पतिवार से ही चंड़ीगढ़ और अलवर रूट पर परेशानी बढ़ गई। पहले से ही चालकों की कमी के कारण सामान्य बसों के सफर के लिए परेशानी झेल रहे यात्रियों को अब और अधिक परेशानी झेलनी होगी।
बताया जा रहा है कि इनमें से आठ बसें चंडीगढ़ रूट पर चलाई जा रही थी और एक-एक बस अलवर और मुरादाबाद रूट पर चलाई जा रही थी। चंडीगढ़ रूट पर कुल 13 सामान्य बसें चलाई जा रही थीं। अब इनमें से आठ बसें कम हो जाएंगी।
यानि इस रूट पर अब महज पांच सामान्य बसों का सफर ही यात्रियों को मुहैया हो पाएगा। ऐसे में इस रूट पर चलाई जा रही वॉल्वो बस के सफर को यात्रियों को मजबूर होना होगा। गुड़गांव से चंडीगढ़ तक सामान्य बस का किराया 230 रुपये है जबकि वॉल्वो का 625 रुपये हैं।
पिछले सप्ताह ही शुरू हुई थी अलवर सेवा
करीब चार महीनों से बंद पड़ी गुड़गांव-अलवर बस सेवा को पिछले सप्ताह ही बहाल किया गया था। इस रूट पर यात्रियों की मांग को देखते हुए दो बसें चलाई गई थी, इनमें से भी एक बस अब घट गई है।
पहले ही बसों और चालकों की कमी के कारण एक दर्जन के करीब लंबे रूट बंद पड़े हैं। 10 बसें कम कर नए रूटों पर यात्रियों के लिए परेशानी बढ़ा दी है।