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NRHM घोटाले से जुड़े डॉक्टर ने की आत्महत्या

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ग्रेटर नोएडा के कांशीराम मेडिकल कॉलेज में तैनात एक रेडियोलॉजिस्ट ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। पुलिस को मौके से सुसाइड नोट मिला है, जिसमें मानसिक तनाव में होने की बात लिखी गई है।
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एसपी डॉ. बृजेश कुमार सिंह ने बताया कि डॉ. हरीश चंद्रा पिछले काफी दिनों से मेडिकल कॉलेज में तैनात थे। वह कुछ दिन से मानसिक तनाव में चल रहे थे। पुलिस ने बताया कि शुक्रवार रात करीब 12 बजे तक उनकी बेटी और दामाद ने उनके साथ बैठकर टीवी देखा था।

उसके बाद वह ऊपर के कमरे में सोने चले गए और डॉ. चंद्रा नीचे अपने कमरे में सो गए थे। हर सुबह वह अखबार पढ़ते थे, लेकिन शनिवार को उनके कमरे का गेट नहीं खुला। मेन गेट से भी अखबार नहीं उठाया, जिस पर बेटी और दामाद को संदेह हुआ।
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दरवाजा तोड़कर निकाली लाश

उन्होंने डॉ. हरीश के कमरे का दरवाजा खुलवाने की कोशिश की, लेकिन भीतर से कोई जवाब नहीं आया। जब खिड़की से देखा गया तो वह फांसी से लटके हुए थे। बेटी और दामाद के शोर मचाने पर आसपास के लोग आ गए और दरवाजा तोड़कर शव को नीचे उतारा गया।

मौके पर पहुंची पुलिस ने शव पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। पुलिस को एक सुसाइड नोट मिला है, जिसमें आत्महत्या करने की वजह मानसिक तनाव बताई गई है। पत्र में लिखा है कि वह अपनी मर्जी से खुदकुशी कर रहे हैं और इसके लिए परिवार को परेशान न किया जाए।

सूत्रों की माने तो हाल ही में मेडिकल कॉलेज में एक अल्ट्रासाउंड मशीन खरीदी गई थी, जिसका बिल करीब 25 लाख रुपये पास किया गया था। असल में उस मशीन की कीमत करीब चार से पांच लाख रुपये बताई जा रही है। पुलिस सूत्रों की माने तो मशीन को लेकर भी डॉ. चंद्रा पर दबाव डाला जा रहा था।
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एनआरएचएम घोटाले में था चंद्रा का नाम

बताया जाता है कि इस पूरी गड़बड़ी उन्हें अपने ऊपर लेने का दबाव दिया जा रहा था ताकि आला अधिकारी बच जाएं। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि इसकी जांच के लिए आला अधिकारियों से बात की गई है। हालांकि, जब अमर उजाला ने अधिकारियों से पूछा तो उन्होंने कुछ भी बोलने से इंकार कर दिया।

डॉ. हरीश चंद्रा का नाम उत्तरप्रदेश के बहुचर्चित एनआरएचएम घोटाले में था। बताया जा रहा है कि कानपुर पोस्टिंग के दौरान इस घोटाले के सिलसिले में डॉ. चंद्रा के घर छापे भी पड़े थे।

उधर, घटनास्थल पर भी आसपास के लोग डॉक्टर के एनआरएचएम घोटाले में होने को लेकर चर्चा कर रहे थे। उनका कहना था कि इस घोटाले की वजह से काफी परेशान चल रहे थे। हालांकि, ग्रेनो पुलिस ने अभी तक इस बारे में कुछ भी नहीं कहा है।
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