अभी तक डीडीए फ्लैट का कब्जा पत्र के जरिये ही मिलता था। अब आवंटियों को वाट्स ऐप के जरिये ही कब्जा मिल जाएगा और उन्हें इसके लिए लंबा इंतजार नहीं करना पड़ेगा। साथ ही फ्लैटों का कब्जा देने वाले इंजीनियर भी आवंटियों को गुमराह नहीं कर सकेंगे कि उसके पास कब्जा पत्र नहीं आया है।
दरअसल, डीडीए ने अब एक वाट्स ऐप ग्रुप तैयार किया है। इस ग्रुप से उन सभी इंजीनियर व जूनियर इंजीनियर को जोड़ा गया है, जिन्हें डीडीए फ्लैटों का कब्जा आवंटियों को देने के लिए नियुक्त किया गया है।
डीडीए मुख्यालय के आईटी डायरेक्टर विरेंद्र सिंह तोमर ने बताया कि डीडीए उपाध्यक्ष अरुण गोयल के विजन को अपनाया गया है। इसका फायदा यह है कि डीडीए से कब्जा पत्र जारी होने के साथ ही इसका इमेज वाट्स ऐप पर लोड कर दिया जाता है।
इसके साथ ही आवंटियों को भी इस बात से अवगत कर दिया जाता है कि आपका कब्जा पत्र जारी हो गया है। आवंटी को कब्जा पत्र दिखाने की जरूरत नहीं होगी। आवंटी कब्जा पत्र लिए बिना ही इंजीनियर से मिलकर अपने फ्लैट का कब्जा ले सकता है।