ड्राईविंग लाइसेंस आवेदकों की परेशानी अब कम हो जाएगी। पोस्ट से डीएल न मिलने की हालत में इनको यहां-वहां भटकना नहीं होगा। डीएल की लोकेशन पोस्ट और आरटीओ की साइट पर आनलाइन देखी जा सकेगी। सूबे के पांच महानगरों में प्रथम चरण में इससेवा को शुरू किया जाएगा।
स्मार्ट डीएल को आवेदकों के निवास एड्रेस पर रजिस्टर्ड डाक से भेजा जाता है। इससे उनका एड्रेस वेरीफिकेशन भी हो जाता है। सामान्यतया यह डाक एक सप्ताह में आवेदकों को मिल जानी चाहिए, लेकिन ऐसा नहीं होता।
कई-कई महीने तक आवेदक अपना डीएम पाने को परेशान रहते हैं। ऐसे में उनको डाकघर और आरटीओ आफिसों के चक्कर लगाने पड़ते हैं और कहीं पर भी संतोषजनक उत्तर नहीं मिलता।
अब इसका समस्या का समाधान होने जा रहा है। परिवहन और पोस्टल विभाग मिलकर डीएल की लोकेशन आनलाइन करने जा रहे हैं। जिस तरह अन्य किसी रजिस्टर्ड डाक को देखा जा सकता है। पोस्टल और आरटीओ दोनों डिपार्टमेंट की साइट पर इसकी लोकेशन अपडेट रहेगी।
वरिष्ठ एआरटीओ केपी गुप्ता ने कहा कि डीएल को तलाशते रोजाना 50-60 लोग आफिस आते हैं। इनमें से कई को डीएल की बहुत जरूरत भी होती है। कईयों का डीएल मिल ही नहीं पाता है। ऐसे में उनको दोबारा बनवाना पड़ता है। आनलाइन लोकेशन मिलने से ज्यादातर को सर्चआउट कर लिया जाएगा। इसके लिए पोस्टर अफसरों के साथ बैठक फिक्स कर ली गई है।
डीएल का नंबर या रजिस्ट्री नंबर डालने पर उसकी लोकेशन का पता लगा जाएगा। इसको अपडेट करने के लिए संयुक्त स्टाफ लगाने की तैयारी की जा रही है। शुरूआत में इसको सूबे के पांच महानगरों में शुरू किया जाएगा। लखनऊ, गाजियाबाद, अलीगढ़, कानपुर, इलाहाबाद और मेरठ में इस सेवा को शुरू करने का प्रस्ताव है।