जनसूचना अधिकार अधिनियम के तहत कोई सूचना लेने के लिए 50 रुपये का पोस्टल आर्डर नहीं लगाना पड़ेगा। दस रुपये के पोस्टल आर्डर में ही सभी सूचनाएं मिल जाएंगी।
राज्य सरकार ने इसकी अधिसूचना जारी कर दी है। सरकार के इस फैसले का आरटीआई एक्टिविस्ट एसोसिएशन ने स्वागत किया है और कहा है कि अब आयोग शिकायतकर्ता को व्यक्तिगत रूप से उपस्थित होने की छूट देकर वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिए सुनवाई करे।
जानकारी के अनुसार राज्य सरकार ने सूचना का अधिकार अधिनियम 2009 में संशोधन कर दिया है। यह नियम अब हरियाणा सूचना का अधिकार संशोधन अधिनियम 2016 कहलाएगा। प्रशासनिक सुधार विभाग ने इसकी अधिसूचना जारी कर दी है।
सूचना का अधिकार 2005 की धारा 6 उपधारा एक के तहत सूचना हासिल करने के लिये अब फीस के रूप में 50 रुपये के बदले 10 रुपये देने होंगे। इसके साथ अब शिकायतकर्ता को केवल 500 शब्दों में ही अपनी सूचना लेनी होगी।
यदि 500 शब्दों से ज्यादा शब्दों में कोई आवेदन होगी तो भी उसे खारिज नहीं किया जाएगा। आरटीआई एक्टिविस्ट एसोसिएशन के संरक्षक डॉ. ब्रहदत्त ने सरकार के फैसले का स्वागत किया है।
उन्होंने कहा कि एसोसिएशन चार साल से सरकार से यह मांग कर रही थी। उन्होंने कहा कि सूचना आयोग शिकायतकर्ता को आयोग में निजी तौर पर उपस्थित होने की छूट भी दे, और हर जिले में वीडियो कॉफ्रेंसिंग से सुनवाई करने की मांग की है।